Edited By Anu Malhotra,Updated: 27 Aug, 2026 02:52 PM

नेपाल-तिब्बत बाॅर्डर पर कुदरती कहर ने मचाई तबाही में कैलाश यात्रा से लौट रहे ईशा फाउंडेशन के 80 सदस्य लापता हो गए जिससे कैंप में सन्नाटा पसरा हुआ है। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने इस घटना की जानकारी देते हुए भारी मन से दुख जताया। लापता...
कोयंबटूर: नेपाल-तिब्बत बाॅर्डर पर कुदरती कहर ने मचाई तबाही में कैलाश यात्रा से लौट रहे ईशा फाउंडेशन के 80 सदस्य लापता हो गए जिससे कैंप में सन्नाटा पसरा हुआ है। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने इस घटना की जानकारी देते हुए भारी मन से दुख जताया। लापता श्रद्धालुओं के दल में 34 पुरुष और 46 महिलाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दल के साथ 3 वॉलंटियर्स और एक डॉक्टर भी मौजूद थे।
आंसू रोकने की कोशिश करते हुए सद्गुरु के हाथ कांप रहे थे। उन्होंने भारतीय और चीनी दूतावासों से तिब्बत के ग्यारोंग जाने की अनुमति मांगी, जहां बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, ताकि वे बचाव कार्यों में मदद कर सकें और तीर्थयात्रियों के अवशेषों की तलाश कर सकें।
भावुक हुए सद्गुरु
अकसर अपने समागम में शांत रहने वाले आध्यात्मिक गुरु काफी परेशान दिखे। उन्होंने बताया कि कैसे कैलाश यात्रा से लौटते समय 80 सदस्यों वाली टीम पर यह त्रासदी आई। सद्गुरु ने कहा, तबाही देखकर स्थिति खराब लग रही है। यह एक भयानक घटना है।
अपने अनुयायियों को संबोधित करते हुए सद्गुरु ने कहा कि उन्होंने गुरुवार सुबह प्रभावित इलाके में खुद जाने की कोशिश की थी, लेकिन आपदा के कारण वहां पहुंचने के लगभग सभी रास्ते बंद हो गए थे। उन्होंने कहा, हमें अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है... लेकिन तबाही का पैमाना देखते हुए स्थिति अच्छी नहीं लग रही है।
प्रभावित लोगों की कुल संख्या 1,500 से ज़्यादा
सद्गुरु ने बताया कि जब पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में बह गई, तब उनका ग्रुप ग्यारोंग के इमिग्रेशन सेंटर पर था। सद्गुरु ने बताया कि वे खुद एक हफ़्ते पहले उसी इमिग्रेशन सेंटर पर थे। सद्गुरु ने बताया कि फ़ाउंडेशन को सुबह 9.05 बजे ग्रुप लीडर, ईशांगा प्रवीण का मैसेज मिला। सद्गुरु ने कहा, उन्होंने मैसेज भेजा कि वे इमिग्रेशन पहुंच गए हैं। फिर, सुबह 9.14 बजे यह घटना हुई। सद्गुरु ने चेतावनी दी कि बर्फ़ के हिमस्खलन की वजह से हुई इस त्रासदी का दायरा बहुत बड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित लोगों की कुल संख्या 1,500 या उससे ज़्यादा हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, नेपाल के ज़िलों में अचानक आई बाढ़ के कारण लगभग 170 लोगों की मौत हो गई है और 1,500 लोग लापता हैं। बाढ़ के पानी ने घरों, गाड़ियों और पुलों को बहा दिया और पूरे इलाके में संचार व्यवस्था ठप कर दी। नेपाल के विदेश मंत्री के अनुसार, लगभग 300 भारतीय लापता हैं।