Edited By Ramkesh,Updated: 26 Jul, 2026 04:54 PM

कनार्टक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने बड़ा ऐलान कर दिया है। जिसके बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। दरअसल, सिद्धारमैया ने प्रदेश में होने वाले 2028 विधान चुनाव से पहले चुनाव न लड़ने और राजनीति से दूरी बनाने का...
नेशनल डेस्क: कनार्टक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने बड़ा ऐलान कर दिया है। जिसके बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। दरअसल, सिद्धारमैया ने प्रदेश में होने वाले 2028 विधान चुनाव से पहले चुनाव न लड़ने और राजनीति से दूरी बनाने का फैसला है। जिसके बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल मच गई है। मांड्या में दिए बयान में सिद्धारमैया ने साफ कहा कि यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा और इसके बाद वह चुनावी राजनीति से दूरी बना लेंगे।
हालांकि उन्होंने आरोप भी लगाएं हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ गया है और अब चुनाव लड़ने के लिए लोगों को पैसे देने की स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि वह सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे और जनता की समस्याओं की आवाज उठाते रहेंगे। सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि 2028 तक उनकी राजनीतिक यात्रा के 50 वर्ष पूरे हो जाएंगे और आगे का जीवन भी वह जनसेवा को समर्पित करेंगे। अब प्रदेश में सिद्धारमैया के इस बयान के बाद कर्नाटक कांग्रेस में भविष्य के नेतृत्व और उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आप को बता दें कि सिद्धारमैया लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और उनका यह फैसला राज्य की सियासत में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस आगे कर्नाटक में नेतृत्व की रणनीति किस तरह तय करती है। फिलहाल इस फैसले से उनके समर्थकों को बड़ा झटका लगा है।