Edited By Yaspal,Updated: 12 May, 2019 08:25 PM

एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि मौजूदा आम चुनाव में पहली बार मतदान करने योग्य मतदाताओं में से एक तिहाई मतदाता सोशल मीडिया पर जारी राजनीतिक संदेशों से प्रभावित हुए...
नई दिल्लीः एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि मौजूदा आम चुनाव में पहली बार मतदान करने योग्य मतदाताओं में से एक तिहाई मतदाता सोशल मीडिया पर जारी राजनीतिक संदेशों से प्रभावित हुए हैं।

करीब 25 लाख प्रतिभागियों पर कराए गए ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली बार मतदान करने योग्य करीब 15 करोड़ मतदाताओं में से आधे मतदाताओं को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये राजनीतिक संदेश मिले हैं।

एडीजी ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले 2019 के चुनाव में सोशल मीडिया पर ज्यादा राजनीतिक आंदोलन चलाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, "पहली बार मतदान के योग्य 15 करोड़ मतदाताओं में से 30 प्रतिशत मतदाता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभावित हुए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से पहली बार मतदान योग्य मतदाताओं में से 50 प्रतिशत मतदाताओं तक राजनीतिक संदेश पहुंचे और 20 प्रतिशत मतदाता देश के विकास से अवगत हैं।"

रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया संदेशों का युवाओं पर बहुत बड़ा प्रभाव है और इनसे प्रभावित होने वाले 50 प्रतिशत मतदाता 25 वर्ष से कम आयु के हैं। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, " 40 प्रतिशत युवा (18 से 24 वर्ष) कम से कम पांच में से एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, शेयरचैट, वाट्सएप और ट्वीटर के जरिये राजनीतिक घटनाक्रमों से खुद को अवगत रखे हुए हैं।