Edited By Parveen Kumar,Updated: 27 Apr, 2026 08:08 PM

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष के गौरवशाली इतिहास के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जीरकपुर इकाई द्वारा ग्रीनवैली टावर सोसायटी किशनपुरा के क्लब हाउस में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया।
नेशनल डेस्क : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष के गौरवशाली इतिहास के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जीरकपुर इकाई द्वारा ग्रीनवैली टावर सोसायटी किशनपुरा के क्लब हाउस में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र के प्रचारक प्रमुख बनवीर सिंह ने उपस्थित प्रमुख जनों को संघ की 100 साल की यात्रा बारे संबोधित करते बताया कि संघ को के ऊपर सरकार द्वारा वर्ष 1948 में महात्मा गांधी की हत्या का आरोप लगाकर, वर्ष 1975 आपातकाल समय तथा 1992 में बाबरी ढांचा को गिराने के झूठे आरोप में प्रतिबंधित किया गया, लेकिन विकट परिस्थितियां होने के बावजूद आज संघ द्वारा कश्मीर से कन्याकुमारी तक पैर पसारते हुये देश में प्रतिदिन 80 हजार शाखाएं तथा 30 हजार साप्ताहिक मिलन शाखाएं चलाई जा रही हैँ. गर्मी, सर्दी, आंधी एवं बरसात के बावजूद स्वयंसेवक शाखाओं में अपनी गतिविधियां जारी रखते है।

इसके अलावा संघ के स्वयंसेवकों द्वारा करीब 72 संस्थाओं की राष्ट्रीय स्तर पर स्थापना करके समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य किये जा रहे है. उन्होंने हिन्दुओं को संगठित न होने पर उदाहरण देते हुये कहा कि कहावत बन गयी है कि मेंढकों को एक तराजू में तोलना आसान है, लेकिन हिन्दू समाज को एक मंच पर संगठित करना मुश्किल है। उन्होंने संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव राव बलिराम हेगड़ेवार की चर्चा करते हुये बताया कि जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुये आजादी आंदोलन के साथ - साथ वर्ष 1925 में हिन्दुओं को संगठित करने के उद्देश्य से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की उन्होंने आजादी आंदोलन में अंग्रेजों तथा मुस्लिम शासकों के जुल्म का हवाला देते हुये बताया कि केरल के मालाबार में एक ही दिन में 30 हजार हिन्दुओं की हत्या की गयी थी।

उन्होंने बताया कि धर्मान्तरण को रोकने के लिये संघ द्वारा करीब 2000 से अधिक हॉस्टल चलाये जा रहे है, जहां आदिवासी क्षेत्रों में भी बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है। समाज को चेताते हुये कहां उन्होंने बढ़ते नशे को भी समाज के लिये खतरा बताया। संघ के अगले 30 वर्ष के लक्ष्य पर चर्चा करते हुये बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, सामाजिक समरसत्ता, स्व का बोध (स्वदेशी) तथा नागरिक कर्तव्य पर समाज में सन्देश फैला रहा है। इस अवसर पर समाज सेवा में जुटी संस्था श्याम सहारा कनिका फाउंडेशन के चेयरमैन संजय सिंगला ने आँगनतुक अतिथियों को एकजुट होने का सन्देश दिया।