Edited By Parveen Kumar,Updated: 14 Apr, 2026 09:43 PM

ओडिशा के मयूरभंज जिले में सरकार द्वारा संचालित आदिवासी आवासीय स्कूल में भोजन करने के दो दिन बाद मंगलवार को कक्षा पांचवीं की एक छात्रा की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, छात्रा के 100 से अधिक सहपाठी भी खाना खाने के बाद...
नेशनल डेस्क : नेशनल डेस्क : ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी स्कूल में खाना खाने के बाद 100 से ज्यादा छात्रों की तबीयत खराब हो गई। बता दें कि पांचवी कक्षा के एक छात्र की मौत भी हो गई है। इन छात्रो में से 67 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पीड़ित छात्रों के परिजनों का कहना है कि बच्चों ने स्कूल में चावल, मसले हुए आलू और आम की चटनी खाई थी, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की सूचना मिलते ही छात्रों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से 67 छात्रों को गंभीर हालत में बारिपदा स्थित पीएमआर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला कलेक्टर हेमा कांता का कहना है कि 5वीं कक्षा की छात्रा रूपाली बेसरा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने संवाददाताओं को बताया,"पुलिस जांच के अलावा, हम एक स्वतंत्र जांच भी कराएंगे क्योंकि आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने मेन्यू में उल्लिखित न होने वाला भोजन परोसा था। इस घटना के लिए जिम्मेदार शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। घटना के सामने आने के बाद, ग्रामीणों ने मृत छात्रा के परिवार के लिए मुआवजे और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रसगोविंदपुर-जलेश्वर सड़क को जाम कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयंत कुमार पाणिग्राही को कर्तव्य में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है और सरकार ने मृत छात्रा के परिवार को सात लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।