Edited By Ramkesh,Updated: 14 Jun, 2026 02:07 PM

राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि विवाद को लेकर देश में राजनीति गरमा गई है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के फायरब्रांड नेता और 'बजरंग दल' के संस्थापक विनय कटियार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि ये जितने इस समय...
नेशनल डेस्क: राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि विवाद को लेकर देश में राजनीति गरमा गई है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के फायरब्रांड नेता और 'बजरंग दल' के संस्थापक विनय कटियार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि ये जितने इस समय हैं ये सब चोर हैं। इनकी छुट्टी करो। इन लोगों का रामजन्मभूमि आंदोलन से क्या लेना देना इन सबने कब्जा कर लिया है हम लोगों ने बलिदान दिया। स्व0 कल्याण सिंह साध्वी उमा भारती और मैं स्वयं आंदोलन में जेल गया। हम इन लोगों की छुट्टी कर देंगे।
आप को बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से संबंधित आरोपों की जांच के लिए शनिवार को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई है। यह दल तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों के संबंध लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा। एसआईटी में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी तथा लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी व पुलिस महानिरीक्षक किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
बयान में कहा गया कि अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसकी गहन जांच आवश्यक है। यह तीर्थ क्षेत्र की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाने की गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है।
हालांकि (एसआईटी) समिति के इस सदस्य ने सिर्फ इतना कहा, ''सरकार जो भी काम हमें सौंपेगी, हम उसे पूरा करेंगे। इसके अलावा मुझे कुछ नहीं कहना है।'इस बीच, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को खुद को इस विवाद से अलग करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्यों की निगरानी तक सीमित है। उन्होंने दान राशि और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।