Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 09 Mar, 2026 06:19 PM

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC) अब देश के मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC) अब देश के मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संसद के मौजूदा बजट सत्र में ही इस प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी चल रही है। इसके लिए पार्टी ने प्रस्ताव का प्रारूप तैयार करना शुरू कर दिया है और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश की जा रही है।
मतदाता सूची संशोधन को लेकर बढ़ा विवाद
पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। TMC का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
पार्टी नेताओं का दावा है कि यह कार्रवाई कथित तौर पर विपक्षी समर्थकों और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है। TMC ने इस मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
ममता बनर्जी ने भी जताई नाराजगी
राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की आलोचना की है। उनका कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।
बताया जाता है कि फरवरी में दिल्ली में हुई एक बैठक के दौरान चुनाव आयोग के साथ बातचीत में TMC प्रतिनिधिमंडल ने असंतोष जताया था और बाद में बैठक से बाहर आ गया था।
विपक्षी दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, TMC अन्य विपक्षी दलों के साथ समन्वय कर रही है ताकि महाभियोग प्रस्ताव के लिए जरूरी समर्थन हासिल किया जा सके। संसद में इस तरह के प्रस्ताव के लिए पर्याप्त संख्या में सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।
TMC के पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में सीमित संख्या में सांसद हैं, इसलिए पार्टी अन्य विपक्षी दलों का समर्थन लेने की कोशिश कर रही है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही प्रस्ताव पारित होना मुश्किल हो, लेकिन इसे लाकर राजनीतिक दबाव जरूर बनाया जा सकता है।
कोलकाता दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन
इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar हाल ही में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए कोलकाता पहुंचे थे। इस दौरान कुछ स्थानों पर TMC समर्थकों ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया और नारेबाजी भी की। पार्टी का कहना है कि यह विरोध मतदाता सूची से जुड़े विवाद के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन था।
चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक जंग
पश्चिम बंगाल में विधानसभा का कार्यकाल 2026 में समाप्त होने वाला है और चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। ऐसे में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।