Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 May, 2026 01:30 PM

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं बैठक की गई। यह बैठक 11 मई को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों...
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं बैठक की गई। यह बैठक 11 मई को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।स्टाफ़ साइड ने बताया कि उसने 8वें वेतन आयोग के लिए अपनी मांगों का ज्ञापन सौंप दिया है। इस दस्तावेज़ में न्यूनतम वेतन, फ़िटमेंट फ़ैक्टर, वेतन वृद्धि की दर, प्रमोशन नीति वगैरह के बारे में सुझाव शामिल थे। स्टाफ़ साइड ने कैबिनेट सेक्रेटरी से गुज़ारिश की कि वे उनके और उनके घटक संगठनों के साथ लगातार बातचीत करते रहें। स्टाफ़ साइड ने कैबिनेट सेक्रेटरी से गुज़ारिश की कि वे केंद्र सरकार से 8वें वेतन आयोग के संदर्भ की शर्तों (ToR) में बदलाव करने और मौजूदा पेंशनभोगियों की पेंशन में संशोधन जैसे मुद्दों को शामिल करने के लिए कहें। स्टाफ़ साइड ने 8वें CPC के ToR में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, पेंशन के कम्यूटेड हिस्से की बहाली, पेंशन में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को भी शामिल करने की गुज़ारिश की।
Old Pension Scheme को लेकर हुई बैठक
बैठक में कर्मचारी प्रतिनिधियों ने एक अहम मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि जिन सरकारी पदों की भर्ती प्रक्रिया 22 दिसंबर 2023 से पहले शुरू हो चुकी थी, उन पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाना चाहिए, भले ही उनकी जॉइनिंग बाद में हुई हो। कर्मचारी संगठनों ने तर्क दिया कि कई मामलों में प्रशासनिक देरी के कारण उम्मीदवारों की नियुक्ति 2004 के बाद हुई, जबकि भर्ती प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी। ऐसे कर्मचारियों को नई पेंशन योजना (NPS) में डालना उचित नहीं माना जा सकता। सूत्रों के अनुसार, इस मांग पर वित्त मंत्रालय और पेंशन विभाग ने सकारात्मक रुख दिखाया है। यदि इस पर अंतिम सहमति बनती है, तो हजारों कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।
क्या है Old Pension Scheme
पुरानी पेंशन योजना में सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद तय और गारंटीड पेंशन मिलती थी। इसमें कर्मचारी की अंतिम बेसिक सैलरी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में दिया जाता है। इसके अलावा महंगाई राहत (DA) का लाभ भी समय-समय पर मिलता रहता है। वहीं नई पेंशन योजना (NPS) बाजार आधारित व्यवस्था पर काम करती है, जिसमें रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि निवेश के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। इसी कारण कई कर्मचारी OPS को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।
कोर्ट केसों की बढ़ती संख्या
स्टाफ पक्ष ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों में सरकार हर फैसले के खिलाफ CAT, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील कर देती है। इससे केस कई साल तक चलते रहते हैं और कर्मचारी परेशान और निराश हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि 5वें वेतन आयोग ने सुझाव दिया था कि अगर किसी एक कर्मचारी को कोर्ट से फायदा मिलता है, तो वही फायदा बाकी समान कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए। इससे बाकी कर्मचारियों को बार-बार कोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्टाफ पक्ष ने सरकार से कहा कि कोर्ट मामलों को कम किया जाए और 5वें वेतन आयोग की सिफारिश लागू की जाए।
AIIMS कर्मचारियों के लिए सरकारी आदेश लागू न होना
स्टाफ पक्ष ने बताया कि DoPT का नियम कहता है कि पति-पत्नी को संभव हो तो एक ही शहर या स्टेशन पर पोस्टिंग दी जाए। लेकिन कई AIIMS इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इस वजह से कई महिला कर्मचारियों को परिवार की परेशानी के कारण नौकरी छोड़नी पड़ी। स्टाफ पक्ष ने मांग की कि सभी AIIMS में यह नियम सही तरीके से लागू किया जाए।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के फैसले लागू न होना
स्टाफ पक्ष ने कहा कि कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों के पक्ष में दिए गए Arbitration Awards कई सालों से लागू नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से कहा कि लंबित फैसलों को जल्दी लागू किया जाए ताकि कर्मचारियों को उनका हक मिल सके।
काम का बोझ कम करने के लिए नई भर्ती
स्टाफ पक्ष ने यह भी कहा कि रेलवे सहित कई विभागों में काम और नई परियोजनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो रही। इससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है और काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आउटसोर्सिंग और निजीकरण की बजाय खाली पदों पर स्थायी भर्ती करे।