UP एक्सप्रेसवे नेटवर्क में बड़ा अपडेट: कुल 15 से अधिक एक्सप्रेस वे, Toll केवल 7 पर, इन 5 पर नहीं चलेगा FASTag एनुअल पास

Edited By Updated: 30 Apr, 2026 12:47 PM

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UP FASTag Rules: उत्तर प्रदेश देश का ऐसा राज्य बन गया है जहां एक्सप्रेसवे नेटवर्क सबसे तेजी से विकसित हो रहा है। राज्य में अब 15 से अधिक एक्सप्रेसवे हैं, जिनमें कुछ पूरी तरह चालू हैं और कुछ निर्माणाधीन हैं। हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के...

UP FASTag Rules: उत्तर प्रदेश देश का ऐसा राज्य बन गया है जहां एक्सप्रेसवे नेटवर्क सबसे तेजी से विकसित हो रहा है। राज्य में अब 15 से अधिक एक्सप्रेसवे हैं, जिनमें कुछ पूरी तरह चालू हैं और कुछ निर्माणाधीन हैं। हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद प्रदेश में कुल 7 बड़े एक्सप्रेसवे पूरी तरह संचालन में आ चुके हैं, जिनमें पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ और यमुना जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। हालांकि इसी बीच FASTag एनुअल पास को लेकर यह स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा यूपी के सभी एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगी।

राज्य में पहले से ही कई प्रमुख एक्सप्रेसवे operated हैं, जिनमें... 
यमुना एक्सप्रेसवे, 
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, 
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे शामिल हैं। 
इनके अलावा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे भी यातायात के लिए उपयोग में हैं। 
कुल मिलाकर 8 बड़े एक्सप्रेसवे हैं, लेकिन इनमें से केवल 7 पर टोल वसूला जाता है, जबकि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर कोई टोल नहीं लिया जाता।

इसी बीच FASTag वार्षिक पास को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। यह पास केवल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) पर ही मान्य होता है। इसी कारण यूपी के कई बड़े एक्सप्रेसवे जैसे...
-Yamuna Expressway, 
-Agra Lucknow Expressway, 
-Purvanchal Expressway, 
-Bundelkhand Expressway और नए गंगा एक्सप्रेसवे पर यह वार्षिक पास लागू नहीं होगा। केवल Delhi Meerut Expressway जैसे कुछ राष्ट्रीय राजमार्ग-श्रेणी के मार्गों पर इसका उपयोग संभव है।

सरकारी जानकारी के अनुसार FASTag वार्षिक पास की कीमत पहले ₹3,000 रखी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹3,075 कर दिया गया। यह सुविधा एक साल या अधिकतम 200 टोल यात्राओं तक मान्य रहती है। इस तरह UP का एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है, लेकिन FASTag नियमों के कारण सभी मार्गों पर एक समान सुविधा लागू नहीं हो पा रही है।

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