‘वीबी-जी राम जी' में केंद्रीय कोष में कमी से खर्च में गिरावट आने की आशंका: अभिजीत बनर्जी

Edited By Updated: 26 Jan, 2026 05:53 PM

vb g ram ji expresses concern that a shortage in central funds could lead

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने सोमवार को कहा कि मनरेगा की जगह लाई गई वीबी-जी राम जी योजना में केंद्र की धनराशि में कमी से पिछड़े राज्यों में खर्च घटने की आशंका है। उन्होंने हैदराबाद साहित्य महोत्सव (एचएलएफ) में कहा,...

नेशनल डेस्क: नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने सोमवार को कहा कि मनरेगा की जगह लाई गई वीबी-जी राम जी योजना में केंद्र की धनराशि में कमी से पिछड़े राज्यों में खर्च घटने की आशंका है। उन्होंने हैदराबाद साहित्य महोत्सव (एचएलएफ) में कहा, ‘‘मनरेगा योजना को लेकर जो बात मुझे चिंतित करती है, वह यह कि इसमें केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली धनराशि कम की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली धनराशि में कमी का मतलब यह होगा कि गरीब राज्यों में खर्च में गिरावट आएगी।

मनरेगा के साथ हमेशा से यह समस्या रही है।" बनर्जी ने कहा कि पिछड़े राज्यों द्वारा इस योजना पर कम खर्च करना गरीबी कम करने के उद्देश्य में सहायक नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘गरीब राज्य इस योजना में और भी कम खर्च कर पाएंगे, तो इससे गरीबी से लड़ने का उद्देश्य पूरा होता प्रतीत नहीं लगता उन्होंने कहा कि कानून अभी तक "अंतिम रूप" नहीं ले पाया है और इसमें बदलाव हो सकता है क्योंकि सत्तारूढ़ दल (भाजपा) के लोगों की ओर से भी काफी विरोध हो रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक वह यह नहीं देख लेते कि मामला किस दिशा में जाता है, तब तक वह इस मुद्दे पर कोई रुख नहीं अपनाना चाहेंगे। केंद्र सरकार के अनुसार, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 का स्थान लेने वाली विकसित भारत-गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) योजना का उद्देश्य 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना है। 

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