Edited By Pardeep,Updated: 04 Mar, 2026 09:45 PM

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। समाचार एजेंसी Reuters के मुताबिक, कतर बुधवार से गैस लिक्विफिकेशन (गैस को तरल रूप में बदलने की प्रक्रिया) पूरी तरह बंद कर देगा। मामले से जुड़े दो सूत्रों ने बताया है कि कतर कम से कम एक महीने तक...
इंटरनेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। समाचार एजेंसी Reuters के मुताबिक, कतर बुधवार से गैस लिक्विफिकेशन (गैस को तरल रूप में बदलने की प्रक्रिया) पूरी तरह बंद कर देगा। मामले से जुड़े दो सूत्रों ने बताया है कि कतर कम से कम एक महीने तक सुपर-चिल्ड गैस यानी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के सामान्य उत्पादन और निर्यात स्तर पर वापस नहीं लौट पाएगा।
क्या है गैस लिक्विफिकेशन?
गैस लिक्विफिकेशन वह प्रक्रिया है, जिसमें प्राकृतिक गैस को बेहद कम तापमान पर ठंडा कर तरल रूप (LNG) में बदला जाता है। इससे गैस को जहाजों के जरिए दुनिया भर में आसानी से भेजा जा सकता है। कतर दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यातकों में से एक है। एशिया और यूरोप के कई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कतर पर निर्भर हैं।
उत्पादन और निर्यात पर बड़ा असर
सूत्रों के अनुसार, मौजूदा हालात के कारण कतर की गैस उत्पादन और निर्यात क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है। पूरी तरह बंदी के कारण वैश्विक बाजार में LNG की सप्लाई घट सकती है। अगर एक महीने तक उत्पादन सामान्य स्तर पर नहीं लौटता, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।
वैश्विक बाजार में चिंता
कतर से निकलने वाली LNG का बड़ा हिस्सा एशियाई देशों, खासकर भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया को जाता है। ऐसे में इस फैसले का असर सीधे ऊर्जा कीमतों और बिजली उत्पादन लागत पर पड़ सकता है। ऊर्जा बाजार पहले से ही अस्थिर है, और कतर की इस बंदी से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।