नागरिकता के नाम पर मतुआ समुदाय को अनिश्चितता में धकेल रहा केंद्र: ममता बनर्जी

Edited By Updated: 05 Mar, 2026 11:18 AM

centre pushing matua community into uncertainty in the name of citizenship

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार नागरिकता देने के नाम पर मतुआ समुदाय के सदस्यों को ''अनिश्चितता और भ्रम'' की स्थिति में धकेल रही है।

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार नागरिकता देने के नाम पर मतुआ समुदाय के सदस्यों को ''अनिश्चितता और भ्रम'' की स्थिति में धकेल रही है। बनर्जी ने मतुआ समुदाय की कुलमाता वीणापाणि देवी, जिन्हें 'बड़ो मा' के नाम से जाना जाता है, की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए कहा कि केंद्र उन लोगों की पहचान पर सवाल उठा रहा है जो लंबे समय से देश के नागरिक हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र की भाजपा सरकार की साजिश के कारण हमारे मतुआ भाई-बहनों को अस्थिर और भ्रमित स्थिति में धकेला जा रहा है। नागरिकता देने के नाम पर राजनीति की जा रही है।'' उन्होंने कहा, ''उनकी पहचान पर ही सवाल उठाया जा रहा है। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के जरिए उन्हें मतदाता सूची से जानबूझकर बाहर किया जा रहा है।

जो लोग पीढ़ियों से इस देश के नागरिक हैं, जिनके वोट सरकारों को चुनते हैं, उन्हें फिर से 'नागरिकता' देने के नाम पर अब अनिश्चितता का सामना कराया जा रहा है।'' बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार समुदाय के अधिकारों को कमजोर करने वाले हर कदम का विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा, ''इस अन्याय को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मेरे मतुआ भाई-बहनों और बंगाल के लोगों के अधिकार छीनने की कोशिशों के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा। हम बंगाल के लोगों को कोई नुकसान नहीं होने देंगे।'' बनर्जी ने कहा कि वीणापाणि देवी के साथ उनका ''व्यक्तिगत और आध्यात्मिक संबंध'' रहा है और वे एक मां की तरह उनसे स्नेह करती थीं। उन्होंने कहा, ''बड़ो मा वीणापाणि देवी की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देती हूं और प्रणाम करती हूं।

हरिचंद ठाकुर और गुरुचंद ठाकुर द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए, मतुआ महासंघ बंगाल के सामाजिक सुधार और नवजागरण का अविभाज्य हिस्सा रहा है।'' उन्होंने कहा, ''बड़ो मा ने जीवन भर इन आदर्शों को पोषित किया। उनके नेतृत्व में मतुआ महासंघ सामाजिक समानता और बंधुत्व के स्तंभ के रूप में स्थापित हुआ।'' बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने समुदाय के कल्याण के लिए कई पहल की हैं, जिनमें मतुआ विकास बोर्ड की स्थापना और उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में हरिचंद-गुरुचंद विश्वविद्यालय की स्थापना शामिल है। 

 

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