पीएम मोदी के बायोफ्यूल अभियान के खिलाफ सड़कों पर उतरे वाहन मालिक

Edited By Updated: 06 Jul, 2026 02:04 PM

vehicle owners take to the streets against pm modi s biofuel campaign

पीएम मोदी के खास बायोफ्यूल अभियान को आम लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिन हुए इस प्रदर्शन के प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर इथेनॉल-मिश्रित ईंधन का विरोध किया। सरकार को उम्मीद है कि इससे कच्चे तेल का आयात कम होगा, लेकिन वाहन मालिकों का...

नेशनल डेस्क: पीएम मोदी के खास बायोफ्यूल अभियान को आम लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिन हुए इस प्रदर्शन के प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर इथेनॉल-मिश्रित ईंधन का विरोध किया। सरकार को उम्मीद है कि इससे कच्चे तेल का आयात कम होगा, लेकिन वाहन मालिकों का कहना है कि इससे खर्च बढ़ेगा और इंजन खराब हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने मॉनसून की बारिश के बीच मांग की कि उन्हें साधारण पेट्रोल और सरकार द्वारा बढ़ावा दिए जा रहे 20% इथेनॉल वाले ईंधन के बीच चुनने का ऑप्शन दिया जाए।

युद्ध के कारण दिया जा रहा है बॉयोफ्यूल को बढ़ावा

ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा क्षेत्र में आए बदलावों ने कई देशों में बायोफ्यूल को बढ़ावा दिया है। ये देश परिवहन व्यवस्था बनाए रखने के लिए विदेशों से महंगे कच्चे तेल की खरीद पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं। इंडोनेशिया ने हाल ही में 50% पाम-डीजल मिश्रण का इस्तेमाल शुरू किया है, और वियतनाम ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए अनिवार्य इस्तेमाल की अपनी योजनाओं में तेज़ी लाई है। हालांकि, वाहन मालिकों का कहना है कि मोदी के आत्मनिर्भरता वाले इस कदम का मतलब है - कम माइलेज (फ्यूल एफिशिएंसी), ज़्यादा मेंटेनेंस का खर्च और इंजन में जंग लगना — और इन सबका खर्च ग्राहकों को ही उठाना पड़ता है।

 

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    हुंडई मोटर इंडिया के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट ने कहा-

    हुंडई मोटर इंडिया के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट पुनीत आनंद ने कहा, "हमने सोशल मीडिया पर ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं देखी है जिसके कारण सरकार के बायोफ्यूल मिश्रण कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने की ज़रूरत पड़े।" मारुति सुजुकी इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राहुल भारती के अनुसार, E20 के लिए डिज़ाइन की गई गाड़ियां 2025 से बिक्री के लिए उपलब्ध हैं और यह ईंधन पुरानी E10-सर्टिफाइड गाड़ियों के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भले ही माइलेज (फ्यूल इकोनॉमी) में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन ईंधन के व्यापक आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ इस कमी की भरपाई कर देते हैं।

    निर्माताओं ने ऑनलाइन फैल रहे कुछ खास दावों का भी खंडन किया। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी ने कहा कि टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस के कथित तौर पर E20 से खराब होने का जो मामला काफी चर्चा में था, उसकी जांच में पता चला कि यह समस्या इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से नहीं, बल्कि खराब या मिलावटी ईंधन के कारण हुई थी। राजस्थान में एक अलग कार्यक्रम में बोलते हुए, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ये चिंताएं गलत जानकारी की वजह से पैदा हुई थीं। बायोफ्यूल मोदी सरकार की एक खास नीति रही है। भारत ने पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य तय समय से पांच साल पहले ही हासिल कर लिया और अब इस अनिवार्य मात्रा को और बढ़ाने पर विचार कर रहा है। पिछले महीने, सरकारी रिफाइनरियों ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए 85% इथेनॉल वाले पेट्रोल की बिक्री भी शुरू कर दी। तेल आयात के भारी-भरकम बिल को कम करने के अलावा, इस पहल का मकसद किसानों की आय बढ़ाना भी है।

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