Edited By Pardeep,Updated: 06 Jul, 2026 10:20 PM

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान राशि को लेकर उपजे विवाद और उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर से आई चोरी की खबरों के बाद अब धर्मनगरी हरिद्वार के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है।
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान राशि को लेकर उपजे विवाद और उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर से आई चोरी की खबरों के बाद अब धर्मनगरी हरिद्वार के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। मंदिर प्रशासन ने दान और चढ़ावे की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए नई नियमावली लागू की है।
पुजारियों के लिए 'नो पॉकेट' ड्रेस कोड
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने स्पष्ट किया है कि अब मंदिर में सेवा देने वाले पुजारी बिना जेब वाला कुर्ता पहनेंगे। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कोई भी पुजारी चढ़ावे की राशि को अपनी जेब में न रख सके। यदि कोई भी पुजारी मर्यादा का उल्लंघन करते हुए दान का पैसा अपने पास रखता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी के लिए समिति का गठन
दान व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। इस समिति में मंदिर प्रशासन के सात पुजारियों को भी शामिल किया गया है, जो चढ़ावे की पूरी निगरानी करेंगे। इसके साथ ही, मंदिर के सभी कर्मचारियों और श्रद्धालुओं पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है।
प्रसाद और चढ़ावे पर पाबंदी
ट्रस्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि मंदिर में एक बार चढ़ाए गए नारियल, प्रसाद और फूलों को दोबारा नहीं चढ़ाया जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि पुराने चढ़ावे को दोबारा श्रद्धालुओं को बेच दिया जाता है, जिस पर अब पूर्ण विराम लगाने की कोशिश की जा रही है।