Edited By Parveen Kumar,Updated: 06 Jul, 2026 09:40 PM

मणिपुर के उखरुल जिले में सोमवार को संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में असम राइफल्स के दो जवानों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना अपराह्न करीब 1.30 बजे पहाड़ी जिले...
नेशनल डेस्क : मणिपुर के उखरुल जिले में सोमवार को संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में असम राइफल्स के दो जवानों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना अपराह्न करीब 1.30 बजे पहाड़ी जिले के नुंगशांग खोंग इलाके में हुई, जब संदिग्ध उग्रवादियों ने अर्द्धसैनिक बल के काफिले पर घात लगाकर गोलीबारी कर दी। उन्होंने बताया, ''मारे गए जवानों में एक वारंट ऑफिसर और एक ड्राइवर हैं। उनकी मौत मौके पर ही हो गई। यह घटना उखरुल पुलिस थाना क्षेत्र में, जिला मुख्यालय से लगभग 17 किलोमीटर दूर नुंगशांग खोंग इलाके में हुई, जब काफिला सांगशाक में 40वीं असम राइफल्स बटालियन मुख्यालय लौट रहा था।''
अधिकारी ने बताया कि हमले के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और पास के ही एक इलाके में केंद्रीय बलों और हथियारों से लैस उग्रवादियों के बीच गोलीबारी हुई। उन्होंने बताया कि घटना वाली जगह की घेराबंदी कर दी गई है और वहां जांच के लिए इंफाल से एक फोरेंसिक टीम भेजी गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि गोलीबारी के समय पास के धान के खेतों में काम कर रहे कई किसानों को सुरक्षा बलों ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने एक बयान जारी कर असम राइफल्स के दो जवानों की हत्या की कड़ी निंदा की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की बर्बर हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी और इन अत्याचारों को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ''हत्या के लिए जिम्मेदार दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा और देश के कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।''
राज्य के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम ने भी सुरक्षा बलों पर हुए हमले की निंदा की और कहा कि ऐसी घटना अशांति से जूझ रहे मणिपुर में शांति और सद्भाव को बिगाड़ती है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''उखरुल के नुंगशांग कोंग में 40 असम राइफल्स के काफिले पर हुए दुर्भाग्यपूर्ण हमले से मुझे गहरा दुख हुआ है।''
मंत्री ने भरोसा जताया कि सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए। सुरक्षाबल तीन साल पहले जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से ही मणिपुर के बाहरी और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान और इलाके पर पूर्ण नियंत्रण (एरिया डोमिनेशन) के लिए कदम उठा रहे हैं। मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय संघर्ष में 260 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।