Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 05 Mar, 2026 06:51 PM

तमिलनाडु के Coimbatore में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। Directorate of Vigilance and Anti-Corruption (DVAC) की टीम ने पानी का नया कनेक्शन देने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में नगर निगम के दो कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर...
नेशनल डेस्क: तमिलनाडु के Coimbatore में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। Directorate of Vigilance and Anti-Corruption (DVAC) की टीम ने पानी का नया कनेक्शन देने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में नगर निगम के दो कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक नल निरीक्षक और एक प्लंबर शामिल हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने एक घर मालिक से पाइपलाइन और पानी का कनेक्शन लगाने के बदले 5,000 रुपये की मांग की थी।
ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक केम्पट्टी कॉलोनी के एक निवासी ने अपने घर के लिए नया पानी कनेक्शन लेने के लिए नगर निगम में आवेदन दिया था। संबंधित विभाग की ओर से अनुमति भी मिल चुकी थी। इसके बाद काम को आगे बढ़ाने के लिए जल आपूर्ति कार्यालय में तैनात नल निरीक्षक Mohan और प्लंबर Eshwaran को जिम्मेदारी दी गई। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने से पहले शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये देने की मांग की।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
जब अधिकारियों ने पैसे देने का दबाव बनाया, तो पीड़ित ने सीधे Directorate of Vigilance and Anti-Corruption के पास शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद DVAC अधिकारियों ने एक ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया। टीम ने शिकायतकर्ता को विशेष केमिकल पाउडर लगे नोट दिए ताकि रिश्वत लेने की पुष्टि की जा सके।
रिश्वत लेते ही हुई गिरफ्तारी
जैसे ही शिकायतकर्ता ने नोट नल निरीक्षक Mohan को दिए, उसने पैसे प्लंबर Eshwaran को सौंपने के लिए कहा। उसी समय पहले से घात लगाए बैठी टीम ने दोनों को पकड़ लिया। जांच के दौरान आरोपियों के हाथों पर केमिकल के निशान पाए गए, जिससे यह साफ हो गया कि उन्होंने रिश्वत की रकम स्वीकार की थी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
DVAC अधिकारियों ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।