Edited By Rohini Oberoi,Updated: 04 Feb, 2026 09:35 AM

देश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। उत्तर भारत के राज्यों में पिछले 24 घंटों में हुई बारिश ने ठंड को फिर से जिंदा कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले 7 दिन आम जनता के लिए भारी पड़ सकते हैं। एक के...
IMD Rain Warning : देश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। उत्तर भारत के राज्यों में पिछले 24 घंटों में हुई बारिश ने ठंड को फिर से जिंदा कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले 7 दिन आम जनता के लिए भारी पड़ सकते हैं। एक के बाद एक तीन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) उत्तर भारत में सक्रिय होने जा रहे हैं जिससे आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का ट्रिपल अटैक होगा।
3 पश्चिमी विक्षोभ का खतरनाक शेड्यूल
मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम बिगड़ने की वजह ये तीन मौसमी सिस्टम हैं:
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पहला विक्षोभ: वर्तमान में सक्रिय है जिसकी वजह से यूपी और एमपी में बारिश हुई।
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दूसरा विक्षोभ: यह 5 फरवरी से असर दिखाना शुरू करेगा।
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तीसरा विक्षोभ: यह 8 फरवरी के आसपास दस्तक देगा, जिससे ठंड की एक और लंबी लहर आएगी।

किन राज्यों में है ऑरेंज और येलो अलर्ट?
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ओले गिरने की संभावना को देखते हुए कई राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है:
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मैदानी इलाके: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार।
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पहाड़ी इलाके: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड (यहां भारी बर्फबारी का अनुमान है)।
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विशेष चेतावनी: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओले गिरने (Hailstorm) की प्रबल संभावना है।

दिल्ली-NCR: ठंडी हवाओं का टर्चर
राजधानी और आसपास के इलाकों में डेढ़ दिन से हो रही बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। 4 फरवरी को हालांकि हल्की धूप निकल सकती है लेकिन पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं राहत नहीं मिलने देंगी। कोहरे और बारिश के कारण ट्रेन और फ्लाइट सेवाओं पर भी असर पड़ने की पूरी आशंका है।

उत्तर प्रदेश: 24 घंटे में गिरेगा 4 डिग्री तक पारा
यूपी में मौसम विभाग ने ज्यादा कड़ाई बरतने को कहा है। पश्चिमी यूपी से पूर्वी यूपी तक तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। अगले 24 घंटों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आ सकती है। घने कोहरे के साथ ओलावृष्टि किसानों की फसलों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।