Edited By Ramanjot,Updated: 24 Jan, 2026 06:11 PM

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में चुनावी सरगर्मी तेज होने से पहले एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पूर्व सीपीएम नेता और स्थानीय कारोबारी मोहम्मद सरफुद्दीन की शनिवार तड़के गोली मारकर हत्या कर दी गई।
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल के आसनसोल में चुनावी सरगर्मी तेज होने से पहले एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पूर्व सीपीएम नेता और स्थानीय कारोबारी मोहम्मद सरफुद्दीन की शनिवार तड़के गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात हीरापुर थाना क्षेत्र के करीमडंगाल इलाके में उस वक्त हुई, जब सरफुद्दीन रोज की तरह सुबह करीब 5 बजे फज्र की नमाज अदा करने मस्जिद जा रहे थे।
घर से निकलते ही रोका, फिर चली गोली
परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही सरफुद्दीन घर से बाहर निकले, मोटरसाइकिल पर सवार एक युवक ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। दोनों के बीच कुछ कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने अचानक पिस्टल निकालकर फायर कर दिया। गोली लगते ही सरफुद्दीन सड़क पर गिर पड़े। उनके मुंह और नाक से खून निकलने लगा। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौके से हथियार बरामद, CCTV में कैद हुई वारदात
घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल फैल गया। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्टल और एक खोखा बरामद किया है। बताया जा रहा है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। इस फुटेज के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। एसीपी इप्शिता दत्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावर की पहचान की जा रही है।
परिवार ने जताया संदेह, दुश्मनी से किया इनकार
मृतक के भाई मोहम्मद जैनुल ने बताया कि सरफुद्दीन ग्रिल और रॉड का कारोबार करते थे, जो ठीक-ठाक चल रहा था। उन्होंने किसी भी तरह की पुरानी रंजिश या दुश्मनी से इनकार किया है। वहीं मृतक के भतीजे मोहम्मद सानू का कहना है कि सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे, जहां सरफुद्दीन की हालत बेहद गंभीर थी। उनका दावा है कि मौत केवल गोली लगने से नहीं, बल्कि गिरने के दौरान आई गंभीर चोट या अत्यधिक रक्तस्राव से भी हो सकती है।
राजनीति से दूरी के बावजूद इलाके में थी मजबूत पकड़
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद सरफुद्दीन करीब 10 साल पहले सक्रिय राजनीति से अलग हो गए थे, लेकिन इलाके में उनकी सामाजिक पकड़ और सम्मान बना हुआ था। यही वजह है कि उनकी हत्या ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस राजनीतिक रंजिश, व्यक्तिगत विवाद और कारोबारी दुश्मनी समेत सभी पहलुओं से जांच कर रही है।