Edited By Dishant Kumar,Updated: 21 Mar, 2026 12:17 AM

प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत माता अमृतानंदमयी देवी (अम्मा) ने आज राम जन्मभूमि मंदिर में पवित्र श्री राम रक्षा यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लिया। यह आयोजन चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर संपन्न हुआ, जिसने इस समारोह को विशेष...
(डिजिटल डेस्क): प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत माता अमृतानंदमयी देवी (अम्मा) ने आज राम जन्मभूमि मंदिर में पवित्र श्री राम रक्षा यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लिया। यह आयोजन चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर संपन्न हुआ, जिसने इस समारोह को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्रदान किया।
करीब 1200 भक्तों और संन्यासियों के साथ अयोध्या पहुंचीं अम्मा की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक गहरी आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर देशभर से संत-महात्मा, आध्यात्मिक साधक और राष्ट्रीय स्तर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अम्मा ने राम मंदिर को “सनातन धर्म के लिए एक नए सूर्योदय” के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि राम रक्षा यंत्र की स्थापना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन, स्पष्टता और आंतरिक शक्ति को जागृत करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के इस दौर में मानवता एक गहरे मूल्य संकट का सामना कर रही है, विशेष रूप से युवाओं के बीच। अम्मा ने ‘संस्कार’ पर जोर देते हुए कहा कि परिवार और शिक्षण संस्थानों की भूमिका बच्चों में चरित्र, करुणा और विवेक विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अम्मा ने भगवान श्रीराम के जीवन को धर्म, धैर्य और आदर्श आचरण का सर्वोच्च उदाहरण बताते हुए कहा कि नैतिक अस्थिरता के इस समय में रामायण हमें मार्गदर्शन, स्थिरता और जीवन का उद्देश्य प्रदान करती है।
अम्मा का संदेश इस समारोह की व्यापक आध्यात्मिक भावना को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें राम रक्षा यंत्र को केवल संरक्षण का प्रतीक नहीं, बल्कि आंतरिक जागरण और सामूहिक चेतना का स्रोत बताया गया।