Edited By ,Updated: 08 Nov, 2015 05:18 PM

अनुसंधानकर्ताओं ने एक एेसी 3D तकनीक का विकास किया है जो कैथेटर और मरीजों के अनुसार शल्य चिकित्सा उपकरण बनाने में सक्षम है।
वाशिंटन: अनुसंधानकर्ताओं ने एक एेसी 3D तकनीक का विकास किया है जो कैथेटर और मरीजों के अनुसार शल्य चिकित्सा उपकरण बनाने में सक्षम है। ये जैव चिकित्सकीय उपकरण वर्तमान उपकरणों की तुलना में मजबूत होने के साथ-साथ हल्के भी होंगे।
मरीजों के अनुसार डिजायन में संशोधन किया जा सकता है जिससे बेहतर परिणाम निकलकर सामने आएंगे समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के लिए मरीज के अनुसार कैथेटर का विकास इस नयी तकनीक के उपयोग का एक उदाहरण है।
अमरीका के नार्थईस्टर्न विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर और मुख्य अनुसंधानकर्ता रान्डेल अर्ब ने कहा ‘‘नवजात की देखभाल के संदर्भ में, हर बच्चे का आकार भिन्न होता है, हर बच्चे को अलग तरह की समस्याएं होती हैं।’’ उन्होंने कहा कि बच्चे के लिए खास तौर पर अगर इस तकनीक की मदद से कैथेटर का विकास किया जाए तो इसका इस्तेमाल ज्यादा सुलभ होगा और ज्यादा गंभीर स्थिति में भी किया जा सकेगा।
नई तकनीक के जरिए अनुसंधानकर्ता सेरामिक फाइबर के इस्तेमाल को नियंत्रित कर सकेंगे और इस प्रकार सामग्री की यांत्रिक विशेषताओं को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। इस अध्ययन का प्रकाशन ‘नेचर कम्युनिकेशन्स’ नामक जर्नल में हुआ है।