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कल है नरक में पड़े पितरों को मोक्ष दिलवाने का दिन

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Tuesday, November 28, 2017-10:34 AM

आज बुधवार दी॰ 29.11.17 मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को मोक्षदा एकादशी पर्व मनाया जाएगा। यह एकादशी मोह का क्षय करती है अतः इसे मोक्षदा कहते हैं। पद्मपुराण में श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा था की इस दिन तुलसी की मंजरी से श्री दामोदर का पूजन करना चाहिए। किवंदीती के अनुसार कालांतर में गोकुल के राजा वैखा-नस के स्वप्न में उसने अपने पिता को नरक में पड़ा देखा। ब्राह्मणों की सलाह पर राजा ने पर्वत-मुनि से इसका हल मांगा। जिस पर पर्वत मुनि की आज्ञा पर राजा ने अपने पूर्वजन्म के पापों के काट में मोक्षदा एकादशी का व्रत कर उसका फल अपने पिता को अर्पण किया जिससे वैखा-नस के पिता को मोक्ष प्राप्त हुआ। द्वापर में श्रीकृष्ण ने इसी दिन अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था। अतः आज ही के दिन गीता जयंती मनाई जाएगी। इस दिन श्रीकृष्ण, भगवत गीता व वेदव्यास जी का विधिपूर्वक पूजन करके उत्सव मनाया जाता है। ब्राह्मण को भोजन कराकर दान करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन विशेष पूजन व्रत व उपाय करने से दुर्लभ मोक्ष पद की प्राप्ति होती है। व्यक्ति धैर्यशील बनता है तथा अज्ञान का नाश होता है।

 

विशेष पूजन विधि: श्री दामोदर का विधिवत पूजन करें। घी में धनिया के बीज डालकर दीप करें, चंदन से धूप करें, रोली चढ़ाएं, चंदन से तिलक करें, पिस्ता व सीताफल का भोग लगाएं तथा चंदन की माला से इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें।


पूजन मुहूर्त: शाम 16:30 से शाम 17:30 तक। (संध्या) 


पूजन मंत्र: श्री कृष्ण दामोदराय नमः॥


उपाय
अज्ञान के नाश हेतु मिश्री मिले दूध में छाया देखकर श्रीहरि पर चढ़ाएं।


धैर्यशील पारिवारिक जीवन हेतु श्रीकृष्ण पर चड़ा केला गाय को खिलाएं।


मोक्ष पद की प्राप्ति हेतु कृष्ण दामोदर पर तुलसी की मंजरी चढ़ाएं।


आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

 

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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