Edited By ,Updated: 22 Aug, 2026 04:01 AM

भारतीय अदालत परिसरों व उनके आस-पास अपराधी गिरोहों तथा अन्य लोगों द्वारा गोलीबारी और ङ्क्षहसा का सिलसिला कुछ समय से जारी है जिससे ये स्थान असुरक्षित होते जा रहे हैं जिसका अनुमान निम्न घटनाओं से लगाया जा सकता है :
भारतीय अदालत परिसरों व उनके आस-पास अपराधी गिरोहों तथा अन्य लोगों द्वारा गोलीबारी और ङ्क्षहसा का सिलसिला कुछ समय से जारी है जिससे ये स्थान असुरक्षित होते जा रहे हैं जिसका अनुमान निम्न घटनाओं से लगाया जा सकता है :
* 24 सितम्बर, 2021 को ‘दिल्ली’ की रोहिणी अदालत के अंदर जज के सामने 2 हमलावरों ने गैंगस्टर ‘जितेंद्र मान’ उर्फ ‘गोगी’ को गोलियों से भून डाला।
* 8 जुलाई, 2022 को ‘मोगा’ (पंजाब) के अदालत परिसर में एक केस के सिलसिले में पेशी भुगतने आए दोनों पक्षों के लोगों में पार्किंग एरिया में गाड़ी आगे बढ़ाने को लेकर हुए विवाद में एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर गोलियां चला दीं।
* 7 फरवरी, 2023 को ‘लुधियाना’ में पेशी भुगतने आए लोगों के 2 गुटों के बीच बहस के बाद एक पक्ष द्वारा फायरिंग कर देने से 3 लोग घायल हो गए।
* 21 अप्रैल, 2023 को ‘दिल्ली’ के ‘साकेत कोर्ट परिसर’ में एक वकील ने पेशी भुगतने आई एक महिला के साथ पुराने विवाद के चलते उस पर गोलियां चला दीं जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
* 6 जुलाई, 2023 को ‘दिल्ली’ की ‘तीस हजारी’ अदालत में 2 वकीलों के ग्रुपों के बीच झगड़े के बाद पहले दोनों धड़ों ने एक-दूसरे पर पत्थरों से हमला किया और फिर एक धड़े के वकील ने दूसरे धड़े के वकील पर गोली चला दी।
* 4 सितम्बर, 2025 को ‘भिवानी’ (हरियाणा) अदालत परिसर में वकीलों के एक चैम्बर के निकट अपने परिचितों के साथ बैठे एक व्यक्ति पर हमलावरों ने गोलियां चला कर उसे मार डाला। इस मामले की जांच रिपोर्ट में पता चला कि हमलावर वास्तव में उक्त व्यक्ति को मारने नहीं आए थे। उनका निशाना तो ‘बिजेंद्र’ और ‘काला’ नामक 2 व्यक्ति थे। सुपारी लेकर हमलावरों ने उन दोनों की हत्या की योजना बनाई थी परंतु फायरिंग के दौरान गोली गलत व्यक्ति को लग गई।
* 16 मई, 2026 को ‘खरखौदा’ (हरियाणा) अदालत में दहेज प्रताडऩा और घरेलू विवाद के मामले में पेशी भुगतने आए ‘नीरज’ उर्फ ‘कातिया’ के पेशी के बाद एस.डी.एम. कार्यालय के निकट पहुंचते ही कार में सवार हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे ‘नीरज’ की मौत हो गई।
* 6 अगस्त, 2026 को ‘चरखी दादरी’ (हरियाणा) में अदालत में पेशी के बाद जा रहे 7 युवकों पर दूसरे पक्ष द्वारा अदालत परिसर से कुछ ही दूरी पर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग के परिणामस्वरूप कार में सवार सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए जिनमें से एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी गर्दन और पैरों पर 3 गोलियां लगी थीं।
* और अब 20 अगस्त, 2026 को ‘हिसार’ (हरियाणा) के कोर्ट परिसर में गैंगस्टर ‘विनोद काना’ पेशी भुगतने के बाद जब अपने साथियों के साथ पैदल चल कर बाहरी गेट के पास पहुंचा तो अचानक 2 हमलावरों ने ताबड़तोड़ 12 राऊंड से अधिक गोलियां बरसा कर ‘विनोद काना’ की हत्या कर दी। इस हमले में गोली लगने से गैंगस्टर का एक साथी घायल हो गया तथा दूसरे के हाथ पर छर्रे लगे।
इसी तरह की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए 12 अगस्त, 2023 को जस्टिस एस. रविंद्र भट्टï ने सुप्रीमकोर्ट में देश भर के न्यायिक परिसरों में अदालतों में सुरक्षा सम्बन्धी रणनीति बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा था कि,‘‘ ऐसी घटनाएं न केवल जजों बल्कि वकीलों, अदालत के कर्मचारियों और आम जनता की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न करती हैं।’’
अदालत परिसरों में सुरक्षा मजबूत करने के आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि, ‘‘एक ऐसे स्थान के रूप में अदालत की पवित्रता को बनाए रखने के लिए समझौता नहीं किया जा सकता। अत: न्यायिक संस्थान सभी पक्षकारों की भलाई के लिए व्यापक कदम उठाएं।’’
अदालत परिसरों में इस प्रकार की घटनाएं सुरक्षा प्रणाली में खामियों का मुंह बोलता उदाहरण हैं। इसके लिए जहां अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है, वहीं अनेक अदालतों में प्रमुख स्थानों पर जहां अभी भी कैमरे नहीं लगे और जो लगे हैं, उनमें से भी अधिकांश काम नहीं कर रहे, उनका चालू हालत में होना अदालतों में सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसके साथ ही अदालतों में पुलिस की तैनाती बढ़ा कर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की जरूरत है ताकि वहां खूनखराबे और मारकाट की घटनाओं के चलते न्याय प्रक्रिया में बाधा न पड़े।—विजय कुमार