Edited By Niyati Bhandari,Updated: 28 Aug, 2026 02:58 PM

Raksha Bandhan 2026: आज भोले बाबा के प्रिय माह सावन 2026 का अंतिम दिन श्रावण पूर्णिमा पड़ रहा है। इस दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। राखी भाई के द्वारा बहन की रक्षा का वचन होता है, जब-जब बहन पर संकट के बादल हों, तब-तब भाई यथासंभव उसकी रक्षा...
Raksha Bandhan 2026: आज भोले बाबा के प्रिय माह सावन 2026 का अंतिम दिन श्रावण पूर्णिमा पड़ रहा है। इस दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। राखी भाई के द्वारा बहन की रक्षा का वचन होता है, जब-जब बहन पर संकट के बादल हों, तब-तब भाई यथासंभव उसकी रक्षा करे। रक्षाबंधन का त्यौहार प्राचीनकाल से चला आ रहा है। राखी परंपरा ही नहीं, बहन का प्यार व भाई से रक्षा के वचन का पर्व है। इंद्र की पत्नी ने इंद्र को ही राखी बांधी थी। यम को उनकी बहन यमुना ने। लक्ष्मी जी ने राजा बली को। द्रौपदी ने श्री कृष्ण के हाथ में चोट लगने पर साड़ी का पल्लू बांधा था और इस पर्व पर वचन लिया। चीरहरण के समय भगवान कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा की। चित्तौड़ की महारानी करमावती ने हुमायूं को चांदी की राखी भेजी थी। सिकंदर को राजा पुरु की पत्नी ने राखी बांधी थी।
इस बार रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण के साथ-साथ पंचक ने भी दस्तक दी है। रक्षाबंधन पर वर्ष 2026 का अंतिम चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। जब भी कोई कार्य शुभ समय में किया जाता है, तो उस कार्य की शुभता में बढ़ौतरी होती है। भाई-बहन के रिश्ते को अटूट बनाने के लिए राखी बांधने का कार्य शुभ मुहूर्त में करना चाहिए।
भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया
भद्रा और चंद्र ग्रहण का कोई भी भय नहीं है। भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी। चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को आंशिक रुप से लगेगा। जो सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए सूतक काल का भी कोई प्रभाव नहीं रहेगा।

रक्षाबंधन पर पंचक
रक्षाबंधन के दिन रहेगा 'पंचक' का प्रभाव। पंचक का आरंभ 27 अगस्त 2026 को दोपहर 1:35 बजे से लेकर 1 सितंबर 2026 की सुबह 3:24 बजे तक रहने वाला है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन पंचक काल के भीतर ही मानाया जाएगा। बहुत सारे लोगों में ये गलत धारणा है की पंचक के साय तले कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। विद्वानों के अनुसार पंचक में रक्षाबंधन पड़ने के बावजूद राखी बांधने की कोई मनाही नहीं बताई गई है। ऐसे में बहनों को पंचक को लेकर चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त
यदि आप रक्षाबंधन पर किसी भी प्रकार के असमंजस या राहुकाल की स्थिति से बचना चाहते हैं, तो सुबह 9:48 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त होने से पहले ही अपने भाई को राखी बांध लें। यह समय सुरक्षा और समृद्धि के दृष्टिकोण से सबसे अधिक श्रेयस्कर है।

पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 27 अगस्त 2026 को सुबह 9:08 बजे से
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 28 अगस्त 2026 को सुबह 9:48 बजे
राखी बांधने का कुल समय: लगभग 3 घंटे 51 मिनट
28 अगस्त को राहुकाल का समय: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक
