‘भ्रष्टाचार को रोकने के लिए’  और कड़े कदम उठाने होंगे!

Edited By Updated: 22 Feb, 2026 04:18 AM

more stringent steps will have to be taken to  stop corruption

केन्द्र तथा राज्य सरकारें भ्रष्टाचार रोकने के चाहे कितने ही दावे करें, तथ्य यह है कि भ्रष्टाचार पर पूरी तरह नकेल कसना अभी कठिन है। हद तो यह है कि अब तो अधिकारी रिश्वत की रकम लेने के लिए स्वयं न जाकर अपने रिश्तेदारों तक को भेजने लगे हैं जो पिछले...

केन्द्र तथा राज्य सरकारें भ्रष्टाचार रोकने के चाहे कितने ही दावे करें, तथ्य यह है कि भ्रष्टाचार पर पूरी तरह नकेल कसना अभी कठिन है। हद तो यह है कि अब तो अधिकारी रिश्वत की रकम लेने के लिए स्वयं न जाकर अपने रिश्तेदारों तक को भेजने लगे हैं जो पिछले मात्र 7 दिनों में सामने आईं निम्न घटनाओं से स्पष्ट है :

* 13 फरवरी, 2026 को ‘पंजाब विजीलैंस ब्यूरो’ ने ‘जिला उद्योग केंद्र’ ‘लुधियाना’ के 2 सीनियर इंडस्ट्रियल प्रोमोशनल अधिकारियों ‘जसपाल सिंह’ व ‘ऋषभ गर्ग’ तथा एक हैड असिस्टैंट ‘अंतरप्रीत सिंह’ को एक उद्योगपति को प्रोडक्शन प्रमाणपत्र देने के बदले में उससे 30,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

* 17 फरवरी, 2026 को ‘पंजाब विजीलैंस ब्यूरो’ ने सब तहसील ‘मैहतपुर’ में तैनात कानूनगो ‘जतिंदर सिंह’ के भाई ‘परमिंदर सिंह’ को ‘नकोदर’ के एक निवासी द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर 20,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। 
* 18 फरवरी, 2026 को ‘पंजाब विजीलैंस ब्यूरो’ ने उपमंडल मैजिस्ट्रेट ‘कपूरथला’ की अदालत में तैनात नायब कोर्ट ‘राजेंद्र सिंह’ को शिकायतकत्र्ता पर चल रहा केस खारिज करने के बदले में उससे 8,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
* 18 फरवरी, 2026 को ही  ‘पंजाब विजीलैंस ब्यूरो’ ने पी.एस.पी.सी.एल. ‘अटोवाल’ (होशियारपुर) के सब डिवीजनल आफिस में तैनात लाइनमैन ‘बलबीर सिंह’ (फौजी) को एक व्यक्ति द्वारा मीटर से अपने घर तक आने वाली बिजली की तार का रूट बदलवाने सम्बन्धी दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर उससे 5000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

* 18 फरवरी, 2026 को ही ‘रोहतक’ (हरियाणा) में ‘एंटी क्रप्शन ब्यूरो’ ने एक कम्पनी को फैक्टरी के लिए एन.ओ.सी. देने के नाम पर ‘हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ के एक एस.डी.ओ. ‘मंजीत सिंह’ को 1.25 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। 
* 19 फरवरी, 2026  को ‘भ्रष्टïाचार निरोधक ब्यूरो’ की टीम ने ‘हैदराबाद’ (तेलंगाना) में स्कूल शिक्षा विभाग से सम्बन्धित 2 अधिकारियों को सी.बी.एस.ई. की पाठ्य पुस्तकों सम्बन्धी एन.ओ.सी. की फाइल आगे बढ़ाने के  बदले में 75,000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा। 
* 19 फरवरी, 2026 को ही ‘साहबगंज’ (बिहार) में ‘राज कुमार तिवारी’ नामक शिकायतकत्र्ता के एक बिल की भुगतान सम्बन्धी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले में उससे 9000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में जूनियर इंजीनियर ‘अमन कुमार’ को गिरफ्तार किया गया। 

* 19 फरवरी, 2026 को ही ‘प्रयागराज’ (उत्तर प्रदेश) में ‘भ्रष्टाचार निरोधक विभाग’ के अधिकारियों ने एक केस में फाइनल रिपोर्ट लगाने के बदले में शिकायतकत्र्ता से 75,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में इंस्पैक्टर ‘विनोद कुमार सोनकर’ को गिरफ्तार किया। 
* 19 फरवरी, 2026 को ही ‘संभल’ (उत्तर प्रदेश) में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के अधिकारियों ने ‘राजू’ नामक एक व्यक्ति की प्रापर्टी के नक्शे में सुधार के बदले में उससे 14,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में एक ‘कानूनगो’ को गिरफ्तार किया। 
* 20 फरवरी, 2026 को ‘जीरकपुर’ की एक नामी आटो मोबाइल कम्पनी के शोरूम को दमकल विभाग की एन.ओ.सी. देने के नाम पर डेढ़ लाख रुपए रिश्वत लेते हुए दमकल विभाग के सब फायर अफसर ‘जसवंत सिंह’ को विजीलैंस विभाग ने गिरफ्तार किया।
* और अब 21 फरवरी, 2026 को ‘शिरहट्टी’ (कर्नाटक) से भाजपा विधायक चंद्रू लमानी को एक व्यक्ति से 5 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
उपरोक्त चंद उदाहरणों से स्पष्टï है कि नौकरशाही कितनी भ्रष्ट हो चुकी है। लिहाजा देश में सभी स्तरों पर भ्रष्टïाचार के विरुद्ध शिकायत करने के लिए आम जनता को प्रोत्साहित करने, सतर्कता बढ़ाने और पकड़े जाने वाले दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनेकी तुरंत आवश्यकता है।     —विजय कुमार

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