US सुप्रीम कोर्ट के आगे नहीं झुके ट्रंप, अब ग्लोबल टैरिफ को 10 से बढ़ाकर किया 15 प्रतिशत

Edited By Updated: 22 Feb, 2026 06:08 AM

trump raises global tariffs from 10 to 15 after supreme court ruling

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दुनिया भर के देशों से आयातित वस्तुओं पर लगाए गए वैश्विक टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान किया। ट्रंप ने यह जानकरी अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर दी।

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दुनिया भर के देशों से आयातित वस्तुओं पर लगाए गए वैश्विक टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान किया। ट्रंप ने यह जानकरी अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर दी। 

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उन्होंने लिखा, 'मैं अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में उन देशों पर 10 फीसदी के विश्वव्यापी टैरिफ को तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 15 प्रतिशत के स्तर पर ले जा रहा हूं, जो दशकों से अमेरिका को लूट रहे हैं। यह स्तर पूरी तरह से कानूनी रूप से जांचा परखा है।' उन्होंने यह घोषणा अमेरिका के उच्चतम न्यायालय द्वारा‘आपातकालीन टैरिफ'को असंवैधानिक घोषित करने के ठीक एक दिन किया। ट्रंप ने न्यायालय के निर्णय पर तंज कसते हुए इसे‘हास्यास्पद, खराब तरीके से लिखे गए और असाधारण रूप से अमेरिका-विरोधी'बताया। उन्होंने लिखा कि अगले कुछ महीनों के दौरान अमेरिकी प्रशासन नए और कानूनी रूप से स्वीकार्य टैरिफ का निर्धारण करेगा और उन्हें जारी करेगा। 

ट्रंप ने लिखा कि कई देश वर्षों से बिना किसी दंड के अमेरिका का फायदा उठा रहे थे, और यह टैरिफ 'अमेरिका को फिर से महान बनाने' की उनकी प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा था कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने‘अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम'का उपयोग करके टैरिफ लगाकर अपने अधिकारों का उल्लंघन किया है। न्यायालय के अनुसार, टैरिफ लगाने की शक्ति मुख्य रूप से कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के पास है। न्यायालय की नौ सदस्यीय पीठ में यह निर्णय 6-3 के बहुमत से दिया गया। 

फैसला आने के तुरंत बाद ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर दस प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया था। उच्चतम न्यायालय के झटके के बाद ट्रंप ने एक नए कानून का सहारा लिया। इस धारा 122 कहती है कि राष्ट्रपति 'गंभीर भुगतान संतुलन घाटे' को सुधारने के लिए 15 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगा सकते हैं, लेकिन ये टैरिफ केवल 150 दिनों के लिए प्रभावी रह सकते हैं। इसे आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य होगी। 

यह घटनाक्रम राष्ट्रपति और न्यायपालिका के बीच एक बड़े संवैधानिक टकराव के रूप में सामने आ रहा है। इससे पूरी दुनिया में अमेरिकी टैरिफ को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। इसका असर न केवल अमेरिका बल्कि भारत सहित सभी वैश्विक व्यापारिक साझेदारों पर पड़ रहा है। इससे पहले टैरिफ पर अमेरिका उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के बाद भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शनिवार को अपनी सधी हुयी प्रतिकिया देते हुए कहा कि वह टैरिफ से संबंधित अमेरिकी न्यायालय के फैसले का बारीकी से विश्लेषण कर रहा है। 

मंत्रालय ने शनिवार को वक्तव्य जारी कर कहा, 'हमने कल टैरिफ पर अमेरिका के उच्चतम न्यायालय के निर्णय का संज्ञान लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संबंध में संवाददाता सम्मेलन भी किया है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा कुछ कदमों की घोषणा की गई है। हम इन सभी घटनाक्रमों के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं।'

क्या हो सकता है असर?

वैश्विक टैरिफ बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ सकता है। कई देशों के साथ अमेरिका के व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आयात-निर्यात, बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं का इंतजार है।

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