Edited By Radhika,Updated: 21 Feb, 2026 06:44 PM

अमेरिका में टैरिफ को लेकर मचे घमासान के बीच भारत सरकार अलर्ट हो गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने साफ किया कि भारत, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए कदमों के आर्थिक असर का गहराई से आकलन कर रहा है।
नेशनल डेस्क: अमेरिका में टैरिफ को लेकर मचे घमासान के बीच भारत सरकार अलर्ट हो गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने साफ किया कि भारत, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए कदमों के आर्थिक असर का गहराई से आकलन कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के 'हथियार' को बताया अवैध
शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ को 'अवैध' घोषित कर दिया। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति शांति काल के दौरान 5 दशक पुराने 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट' (IEEPA) का इस्तेमाल कर मनमाने ढंग से टैरिफ नहीं थोप सकते। इस फैसले से भारत पर लगाए गए 18% 'रेसिप्रोकल टैरिफ' का कानूनी आधार पूरी तरह खत्म हो गया।

ट्रंप ने की तुरंत जवाबी कार्रवाई
कोर्ट के फैसले के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि भारत पर टैरिफ घटकर 3.5% (MFN स्टेटस) पर आ जाएगा, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को एक नया दांव चला। उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि उन्होंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
इसके लिए ट्रंप ने 'सेक्शन 122' नामक एक पुराने कानून का सहारा लिया है। यह कानून राष्ट्रपति को बिना संसद (Congress) की मंजूरी के 150 दिनों के लिए अधिकतम 15% तक टैक्स लगाने की शक्ति देता है। ट्रंप का यह नया 10% टैरिफ 24 फरवरी को भारतीय समयानुसार सुबह 10:31 बजे से प्रभावी हो जाएगा।

भारत सरकार की रणनीति
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सरकार इस बदलाव के हर तकनीकी और आर्थिक पहलू का अध्ययन कर रही है। इस आकलन का मकसद 18% से घटकर 10% पर आने वाले इस नए टैरिफ का भारतीय निर्यातकों और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर होने वाले प्रभाव के बारे में जानना है। मंत्रालय ने कहा, "हम अमेरिकी प्रशासन द्वारा घोषित इन कदमों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।"