Edited By ,Updated: 14 Aug, 2026 03:24 AM

देश में इन दिनों लोगों द्वारा बिजली या मोबाइल फोनों के टावरों और पानी की ऊंची टैंकियों आदि पर चढ़ कर अपनी उचित-अनुचित मांगें मनवाने का रुझान बढ़ रहा है। उनकी इन हरकतों से प्रशासन के लिए समस्या पैदा हो जाती है और ऐसा करने वालों को किसी तरह राजी करके...
देश में इन दिनों लोगों द्वारा बिजली या मोबाइल फोनों के टावरों और पानी की ऊंची टैंकियों आदि पर चढ़ कर अपनी उचित-अनुचित मांगें मनवाने का रुझान बढ़ रहा है। उनकी इन हरकतों से प्रशासन के लिए समस्या पैदा हो जाती है और ऐसा करने वालों को किसी तरह राजी करके नीचे उतारना पड़ता है जिनकी पिछले लगभग अढ़ाई महीनों की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 13 जुलाई को ‘पटना’ (बिहार) के ‘नौबतपुर’ में एक नाबालिगा अपने प्रेमी से शादी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिसके बाद घंटों तक हंगामा होता रहा और बड़ी मुश्किल से वह नीचे उतरने को मानी।
* 18 जुलाई को ‘श्योपुर’ (मध्य प्रदेश) के ‘विजयपुर कस्बे’ में अपनी पत्नी के रूठ कर मायके चली जाने और पुलिस द्वारा उसकी कोई सुनवाई न करने से नाराज एक युवक 60 फुट ऊंची पानी की टैंकी पर जा चढ़ा।
* 1 अगस्त को ‘टीकमगढ़’ (मध्य प्रदेश) के ‘पलेरा’ जनपद के एक गांव में लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट से परेशान महिलाएं पानी की सप्लाई नियमित करने की मांग पर बल देने के लिए गांव की खाली पड़ी पानी की टैंकी पर चढ़ गईं। इलाके के तहसीलदार ने किसी तरह पानी की नियमित सप्लाई करने का आश्वासन देकर उन्हें नीचे उतरने के लिए राजी किया।
* 7 अगस्त को ‘गया’ (बिहार) के ‘वजीरगंज’ में माता-पिता द्वारा मोबाइल फोन लेकर न देने से नाराज ‘अंकित कुमार’ नामक एक किशोर 1.33 लाख वोल्ट क्षमता वाली बिजली लाइन के 100 फुट ऊंचे टावर पर जा चढ़ा तथा वहां एकत्रित ग्रामीणों और अपने परिजनों द्वारा मोबाइल फोन लेकर देने का आश्वासन देने पर ही टावर से नीचे उतरा।
* 8 अगस्त को ‘श्रावस्ती’ (उत्तर प्रदेश) के ‘मल्हीपुर’ में 26 वर्षीय ‘अनिल कुमार’ नामक युवक जिसकी पहले ही 2 शादियां हो चुकी थीं और दो बच्चे भी थे, मोबाइल टावर पर जा चढ़ा। उसकी मांग यह थी कि उसकी रूठी हुई प्रेमिका को मौके पर बुला कर उससे मिलवाया जाए। ‘अनिल कुमार’ के मां-बाप ने बड़ी मुश्किल से उसे नीचे उतरने के लिए राजी किया।
* 10 अगस्त को ‘नूंह’ (हरियाणा) में अपने मामा की बेटी से शादी करने की जिद पर अड़ा ‘कैफ’ नामक युवक 100 फुट ऊंचे ‘मोबाइल टावर’ पर चढ़ गया और 5 घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद अपने स्वजनों द्वारा समझाने पर ही टावर से नीचे उतरा।
* 10 अगस्त को ही ‘कानपुर’ में प्रशासन द्वारा अपने मकान के निर्माण पर रोक लगाने से नाराज एक महिला हाथ में पैट्रोल की बोतल लेकर पानी की टैंकी पर चढ़ गई और आत्मदाह की धमकी देकर हंगामा किया।
* 10 अगस्त को ही ‘मऊ’ (उत्तर प्रदेश) के ‘रैकवारेडीह’ गांव में एक महिला पति द्वारा उसकी मर्जी के बिना दूसरी शादी कर लेने के विरुद्ध रोष व्यक्त करने के लिए मासूम बेटे के साथ पानी की टैंकी पर चढ़ गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित नीचे उतारा।
* 11 अगस्त को ‘पीलीभीत’ (उत्तर प्रदेश) के ‘बीसलपुर’ क्षेत्र में एक विवाहिता ससुराल वालों पर प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिसे पुलिस ने समझा-बुझाकर नीचे उतारा।
* 11 अगस्त को ही ‘जमशेदपुर’ (झारखंड) में दहेज लोभी ससुरालियों द्वारा उत्पीडऩ के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने से नाराज एक महिला मोबाइल टावर पर चढ़ गई जिस पर डी.सी. व एस.एस.पी. को घटनास्थल पर देर रात पहुंचकर महिला को नीचे उतर आने के लिए समझाना पड़ा। अपनी जान जोखिम में डाल कर अपनी सही या गलत मांगें मनवाने का यह तरीका किसी भी दृष्टिï से उचित नहीं कहा जा सकता। ऐसा करने वालों की वजह से न सिर्फ प्रशासन को परेशानी होती है बल्कि उनकी जान भी जा सकती है या नीचे गिर कर हड्डी-पसली भी टूट सकती है। अत: लोगों को ऐसा करने से पहले सोचना चाहिए कि ऐसे कदम उठाकर वे न सिर्फ अपनी जान को जोखिम में डालते हैं बल्कि प्रशासन और अपने परिजनों के लिए भी बड़ी परेशानी पैदा कर देते हैं।—विजय कुमार