Edited By Pardeep,Updated: 17 Aug, 2026 10:26 PM

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा और उसके परिणामों को रद्द करने की सरकार की घोषणा के बाद राजधानी रांची में आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से संघर्ष कर रहे...
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा और उसके परिणामों को रद्द करने की सरकार की घोषणा के बाद राजधानी रांची में आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थी सरकार द्वारा अपनी प्रमुख मांगें माने जाने की खबर मिलते ही भावुक हो गए और कईयों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
संघर्ष की हुई जीत, छात्रों ने एक-दूसरे को गले लगाया
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने इस फैसले को अपने संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया है। फैसला आते ही आंदोलन स्थल पर जश्न का माहौल बन गया, जहां छात्रों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और सरकार के इस बड़े फैसले का स्वागत किया। छात्रों का मानना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद अब भविष्य में पारदर्शी तरीके से नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाएगी।
साढ़े चार घंटे की मैराथन बैठक के बाद आया फैसला
सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रियों के साथ करीब साढ़े चार घंटे तक एक महत्वपूर्ण मैराथन बैठक चली। शाम 4:30 बजे शुरू हुई यह बैठक रात करीब 9 बजे समाप्त हुई, जिसमें छात्रों की मांगों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न मामलों पर गहराई से चर्चा की गई। इसी बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और उसके परिणाम को रद्द करने की घोषणा की। इसके साथ ही टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
छात्रों के हित में कड़ा कानून लागू करेगी सरकार: हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने छात्र हित में एक बेहद कड़ा कानून बनाया है और वह इसे पूरी तरह से लागू करने की क्षमता भी रखती है। लंबे समय से परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे अभ्यर्थियों के लिए सरकार का यह फैसला एक बड़ी राहत बनकर आया है। आंदोलनकारी छात्रों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आखिरकार उनकी आवाज सरकार के कानों तक पहुंची और उनकी मांगों पर उचित फैसला लिया गया।