Air India के दो और पायलट ड्रग टेस्ट में ‘नॉन-नेगेटिव’, ड्यूटी से हटाए गए

Edited By Updated: 17 Aug, 2026 03:18 PM

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4 अगस्त 2026 को फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट AI2379 के अचानक करीब 300 फीट नीचे आने की घटना के बाद एयर इंडिया के दो और पायलट ड्रग टेस्ट में पास नहीं हो पाए। सूत्रों के मुताबिक, फ़ाइनल टेस्ट के नतीजों का इंतज़ार है। इस बीच, दोनों पायलटों को ड्यूटी...

नई दिल्ली: 4 अगस्त 2026 को फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट AI2379 के अचानक करीब 300 फीट नीचे आने की घटना के बाद एयर इंडिया के दो और पायलट ड्रग टेस्ट में पास नहीं हो पाए। सूत्रों के मुताबिक, फाइनल टेस्ट के नतीजों का इंतज़ार है। इस बीच, दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है।

एयरलाइन ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत अपने सभी पायलटों को ड्रग टेस्ट करवाने का आदेश दिया था। अब तक 300 से ज़्यादा पायलट यह टेस्ट करवा चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि फ़ाइनल ड्रग टेस्ट के नतीजे आने में आम तौर पर 24-48 घंटे लगते हैं। सूत्रों बताया कि Air india group के दो पायलट शुरुआती ज़रूरी साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग में 'नॉन-नेगेटिव' पाए गए हैं। उनके सैंपल अब कन्फर्मेटरी टेस्टिंग के लिए भेजे गए हैं और अंतिम नतीजों का इंतज़ार है।

क्या है 'नॉन-नेगेटिव'?
'नॉन-नेगेटिव' नतीजे का मतलब है कि शुरुआती स्क्रीनिंग में कोई ऐसा सब्सटेंस या केमिकल मार्कर मिला है जिसकी और जांच की ज़रूरत है। इसका मतलब यह नहीं है कि पायलटों ने किसी प्रतिबंधित चीज़ का सेवन किया है। कन्फर्मेटरी टेस्ट से पता चलेगा कि शुरुआती नतीजा सही मायने में पॉजिटिव है या नहीं। सूत्रों के अनुसार, अब तक शुरुआती स्क्रीनिंग में दो पायलटों को मार्क्ड किया गया है। उनके सैंपल की अब और जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने किसी साइकोएक्टिव सब्सटेंस का सेवन किया था।

फुकेत-दिल्ली विमान का हादसा...
यह टेस्टिंग 4 अगस्त को एयर इंडिया की उड़ान AI2379 के साथ हुई घटना के बाद शुरू की गई है। यह उड़ान फुकेत से दिल्ली जा रही थी, तभी क्रूज़ के दौरान एयरबस A320 की ऊंचाई अचानक लगभग 300 फीट कम हो गई। बाद में विमान स्थिर हो गया और दिल्ली में सुरक्षित उतर गया। इस घटना में यात्री और क्रू मेंबर घायल हो गए थे।

घटना के बाद दोनों पायलटों की ज़रूरी साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग की गई। जिसके बाद पायलट-इन-कमांड कन्फर्मेटरी टेस्ट में मारिजुआना के लिए पॉजिटिव पाया गया। इस घटनाक्रम के बाद फ्लाइट क्रू के बीच सब्सटेंस टेस्टिंग की जांच और कड़ी कर दी गई और एयर इंडिया ग्रुप में स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाने का फैसला किया गया।

 वहीं विमान को लेकर एक रिपोर्ट में बताया गया है कि उड़ान के बाद की मेंटेनेंस रिपोर्ट में दो से तीन मिनट के भीतर 11 सिस्टम अलर्ट दर्ज किए गए थे, जिनमें तीन हाइड्रोलिक लो-प्रेशर वॉर्निंग और उसके बाद ऑटोपायलट का डिस्कनेक्ट होना शामिल था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया। एक और रिपोर्ट में पता चला है कि विमान में कई तकनीकी दिक्कतें आई थीं, जिनमें हाइड्रोलिक फेलियर और ऑटोपायलट का डिस्कनेक्ट होना शामिल है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अचानक ऊंचाई कम होने की वजह क्या थी।

वहीं, फुकेत-दिल्ली घटना के बाद, एयर इंडिया ने 13 अगस्त से अपने सभी पायलटों के लिए साइकोएक्टिव पदार्थों (नशीले पदार्थों) की अनिवार्य स्क्रीनिंग शुरू की। इस प्रक्रिया में एयर इंडिया ग्रुप के सभी पायलट शामिल हैं, जिनमें एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट भी हैं। सूत्रों ने बताया कि अब तक लगभग 300-400 पायलटों की टेस्टिंग हो चुकी है और यह प्रक्रिया जारी है।
 

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