‘फर्जी का बोलबाला’ पकड़े जा रहे विभागों के नकली अधिकारी!

Edited By Updated: 18 Mar, 2026 02:45 AM

the reign of fakes  bogus department officials being caught

देश में नकली खाद्य पदार्थों, दवाइयों, खादों, कीटनाशकों, करंसी आदि की बातें तो सुनी जाती थीं, पर अब यह बीमारी समाज विरोधी तत्वों द्वारा स्वयं को सरकारी अधिकारी बता कर लोगों को ठगने तक पहुंच गई है जो पिछले 3 महीनों में सामने आई निम्न घटनाओं से स्पष्ट...

देश में नकली खाद्य पदार्थों, दवाइयों, खादों, कीटनाशकों, करंसी आदि की बातें तो सुनी जाती थीं, पर अब यह बीमारी समाज विरोधी तत्वों द्वारा स्वयं को सरकारी अधिकारी बता कर लोगों को ठगने तक पहुंच गई है जो पिछले 3 महीनों में सामने आई निम्न घटनाओं से स्पष्ट है।

* 11 दिसम्बर, 2025 को फर्जी दस्तावेज बनाने और लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर ठगने में माहिर और स्वयं को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई.ए.एस.) का अधिकारी बताकर लोगों से करोड़ों रुपए ठगने के आरोपी ‘गौरव सिंह’ उर्फ ‘ललित किशोर’ को ‘गोरखपुर’ (उत्तर प्रदेश) की पुलिस ने गिरफ्तार किया। 
गौरव सिंह पर एक एस.डी.एम. को थप्पड़ मारने का भी आरोप है। उसने ‘बिहार’, ‘उत्तर प्रदेश’, ‘झारखंड’ और ‘मध्य प्रदेश’ में अपना नैटवर्क कायम कर रखा था। वह बिल्डरों और कारोबारियों को सरकारी ठेके दिलाने का लालच देकर वसूली करता था। उसके मोबाइल की जांच करने पर उसकी पत्नी के अलावा 4 गर्लफ्रैंड्स का भी पता चला है।

* 2 जनवरी, 2026 को ‘पलामू’ (झारखंड) में पुलिस ने ‘राजेश कुमार’ नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जो लम्बे समय से स्वयं को आई.ए.एस. अधिकारी बताकर लोगों को ठगता आ रहा था। गिरफ्तारी के दिन भी वह एक पुलिस स्टेशन में भूमि संबंधी कोई विवाद सुलझाने के नाम पर अधिकारियों पर धौंस जमाने पहुंचा था परन्तु उसकी पोल खुल गई और वह पकड़ा गया। 
* 30 जनवरी, 2026 को स्वयं को इंटैलीजैंस ब्यूरो का वरिष्ठ आई.पी.एस. अधिकारी बताकर लोगों से ठगी और जब्री वसूली करने के आरोप में  ‘विमल भट्ट’ नामक  ठग को ‘दिल्ली पुलिस’ ने गिरफ्तार किया। उसके पास से इंटैलीजैंस ब्यूरो का फर्जी पहचान पत्र, वॉकी-टॉकी, पुलिस सायरन और गृह मंत्रालय के जाली दस्तावेज बरामद किए गए। 

* 30 जनवरी, 2026 को ही ‘कानपुर’ (यू.पी.) में स्वयं को जिला मैजिस्ट्रेट बताने वाले एक ठग को अधिकारियों ने एक युवती से 26 लाख रुपए और गहने ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया। 
* 31 जनवरी, 2026 को ‘पुणे’ (महाराष्ट्र) में स्वयं को सी.बी.आई. अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग से 10.74 करोड़ रुपए ठगने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। 
* 2 फरवरी, 2026 को मुम्बई पुलिस ने ‘परशुराम जगताप’ नामक एक ठग को गिरफ्तार किया। उस पर स्वयं को ए.सी.पी. बताकर लोगों को ‘डिजीटल अरैस्ट’ की धमकी देकर लगभग 2 करोड़ रुपए ठगने का आरोप है।
* 2 मार्च, 2026 को ‘बेगूसराय’ (बिहार) की फर्जी वर्दी पर नेम प्लेट लगा कर घूमने, लोगों पर धौंस जमाने व उनसे मोटी रकमें वसूल करने वाली ‘कजोमा कुमारी’ नामक एक फर्जी महिला सिपाही को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
* 9 मार्च, 2026 को ‘नवी मुम्बई’ (महाराष्ट्र) में मुम्बई पुलिस ने ‘वाशी’ से ‘मोहम्मद तारिक पठान’ को गिरफ्तार किया। उस पर स्वयं को गृह मंत्रालय से जुड़ा आई.ए.एस. अधिकारी बताकर पुलिस जांचों को प्रभावित करने का आरोप है। 

* 15 मार्च, 2026 को ‘प्रयागराज’ (उत्तर प्रदेश) में स्वयं को ‘रेलवे प्रोटैक्शन फोर्स’ का अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाले ‘दिव्यांशु कुमार’ नामक युवक को गिरफ्तार किया गया।  
* 16 मार्च, 2026 को ‘तिरुवनंतपुरम’ में पुलिस ने एक 41 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया जो स्वयं को कस्टम अधिकारी बताकर रियायती दरों पर सोना दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगती थी। 
* और अब 16 मार्च, 2026 को ही ‘बरगाह’ (ओडिशा) जिले के ‘अट्टा बीरा’ शहर में पुलिस ने ‘विक्रम बेहरा’ नामक युवक को ओडिशा पुलिस की वर्दी पहन कर घूमने और लोगों को धमका कर रंगदारी वसूल करने के आरोप में गिरफ्तार किया। 
उक्त उदाहरणों से स्पष्टï है कि देश में जालसाजी किस कदर बढ़ रही है। अत: ऐसे समाज विरोधी तत्वों को कठोरतम सजा देने की आवश्यकता है, ताकि वे समाज से धोखा न कर सकें और दूसरों को सबक मिले।—विजय कुमार

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