Edited By ,Updated: 28 Oct, 2026 02:15 AM

देश में किशोरों द्वारा तेज रफ्तार से वाहन चलाने के परिणामस्वरूप दुर्घटनाओं में चिंताजनक हद तक वृद्धि हुई है तथा सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौतें होने से परिवार उजड़ रहे हैं, जिनकी इसी वर्ष सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं
देश में किशोरों द्वारा तेज रफ्तार से वाहन चलाने के परिणामस्वरूप दुर्घटनाओं में चिंताजनक हद तक वृद्धि हुई है तथा सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौतें होने से परिवार उजड़ रहे हैं, जिनकी इसी वर्ष सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 10 फरवरी को ‘मुम्बई’ के ‘विद्या विहार’ इलाके में एक नाबालिग की तेज रफ्तार एस.यू.वी. (बड़ी कार) ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी जिससे स्कूटर सवार व्यक्ति और उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए।
* 17 फरवरी को ‘दिल्ली’ के ‘द्वारका’ इलाके में तेज रफ्तार से कार दौड़ा रहे एक नाबालिग ने 23 वर्षीय युवक ‘साहिल धनेश्रा’ को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
* 2 अगस्त को ‘हैदराबाद’ (तेलंगाना) के ‘मधुरा नगर’ पुलिस स्टेशन क्षेत्र में सुबह के समय एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़के ने किराए की कार चलाते हुए कहर बरपाया। उसने पहले एक दोपहिया वाहन को टक्कर मारी और फिर अनियंत्रित कार को 7 अन्य वाहनों से टकरा दिया। इस भीषण दुर्घटना में मोटरसाइकिल पर जा रहे 55 वर्षीय व्यक्ति की गंभीर चोटें लगने के कारण उसकी मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया।
* 8 अक्तूबर को ‘नई दिल्ली’ में अपने दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए किराए पर ली महंगी कार में तेज रफ्तार से जा रहे नाबालिग ने 3 गाडिय़ों को टक्कर मार दी तथा सड़क पार कर रहे ‘उमाशंकर’ नाम के एक व्यक्ति को भी कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
* 14 अक्तूबर को ‘पटियाला’ (पंजाब) में सड़क पर अंधाधुंध गाड़ी दौड़ा रहे एक नाबालिग ने कई गाडिय़ों को टक्कर मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने इस संबंध में बच्चे के माता-पिता के विरुद्ध एक्शन लेने का फैसला किया है।
* 16 अक्तूबर को ‘दावणगेरे’ (कर्नाटक) में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर ‘बाड़ा क्रॉस’ के पास अपने दोस्त के साथ तेज रफ्तार से कार दौड़ा रहे एक 14 वर्षीय नाबालिग ने सड़क के किनारे खड़े एक सी.एन.जी. कंटेनर को पीछे से टक्कर मार दी जिससे नाबालिग कार चालक और उसके 17 वर्षीय दोस्त की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
* 24 अक्तूबर को ‘चेन्नई’ (तमिलनाडु) में ‘पोझिचलूर’ के पास ‘तांबरम-मदुरवॉयल बाईपास रोड’ पर अपने 4 दोस्तों के साथ तेज रफ्तार से कार चला रहे 17 वर्षीय नाबालिग की कार नियंत्रण खो देने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसके 17 वर्षीय दोस्त ‘सलाथ राज’ के सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
* 24 अक्तूबर को ही ‘कोच्चि’ (केरलम) में तेज रफ्तार से अपने एडीशनल सैशन जज पिता की ‘मर्सीडीज बैंज’ कार दौड़ा रहे नाबालिग ने स्कूटर पर अपने घर जा रहे 54 वर्षीय व्यक्ति ‘जय बाल कृष्णन’ को कुचल दिया जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस मामले में केरल हाईकोर्ट में उक्त जज के विरुद्ध केस दर्ज करने की अनुमति दी है।
* और अब 26 अक्तूबर को ‘मुम्बई’ में तेज रफ्तार से पानी से भरा टैंकर चला रहे एक 14 वर्षीय नाबालिग ने सड़क के किनारे खड़ी एक कार को टक्कर मारने के बाद एक दीवार से टैंकर की टक्कर मार दी जिससे कार और दीवार दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
निश्चय ही किशोरों में बिना लाइसैंस और तेज रफ्तार से वाहन चलाने की बढ़ रही प्रवृत्ति अत्यधिक ङ्क्षचता का विषय है। 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग को वाहन चलाते हुए पकड़े जाने या दुर्घटना का कारण बनने की स्थिति में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट 12 महीने के लिए रद्द कर उसके माता-पिता/ वाहन मालिक पर 25,000 रुपए का जुर्माना और 3 वर्ष तक कैद की सजा के अलावा दोषी नाबालिग को 25 वर्ष का होने तक ड्राइविंग लाइसैंस जारी नहीं करने का प्रावधान है।
ऐसी घटनाएं रोकने के लिए जहां अभिभावकों को अपने बच्चों पर नियंत्रण रखने की सख्त जरूरत है, वहीं स्थान-स्थान पर कैमरे लगाने और दोषियों को उचित दंड देने व चालानों की तामील यकीनी बनाने की भी आवश्यकता है। इसके लिए ट्रैफिक स्टाफ की कमी दूर करने के साथ-साथ नियमों का पालन करवाने में विफल रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भी तुरंत कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।—विजय कुमार