ममता का इंडिया गठबंधन के सदस्यों से एकजुट होने का आह्वान

Edited By Updated: 03 Oct, 2026 04:37 AM

mamata calls on india alliance members to unite

एस.आई.आर. विवाद पर व्यापक विपक्षी एकजुटता का आह्वान करते हुए, टी.एम.सी. प्रमुख ममता बनर्जी ने  इंडिया गठबंधन के नेताओं से अपने अहंकार से ऊपर उठने का आग्रह किया और कहा कि भाजपा और उसके षड्यंत्रों से मुकाबला करने के लिए असाधारण परिस्थितियों में...

एस.आई.आर. विवाद पर व्यापक विपक्षी एकजुटता का आह्वान करते हुए, टी.एम.सी. प्रमुख ममता बनर्जी ने  इंडिया गठबंधन के नेताओं से अपने अहंकार से ऊपर उठने का आग्रह किया और कहा कि भाजपा और उसके षड्यंत्रों से मुकाबला करने के लिए असाधारण परिस्थितियों में असाधारण कदमों की आवश्यकता होती है। बैठक में, इंडिया गठबंधन के लगभग 20 दलों ने रैलियों और लोकतंत्र बचाओ मार्च सहित एक संयुक्त कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। 

इस बीच, ममता बनर्जी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन के चेहरे के रूप में समर्थन दिया और कहा कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह कभी इसका विरोध नहीं करेंगी। हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से इस पर सावधानी भरा बयान आया, कि इस बातचीत का उद्देश्य नेतृत्व के पदों पर चर्चा करना नहीं, बल्कि देश के सामने आने वाली चुनौतियों का एक एकजुट जवाब तैयार करना था। ममता ने प्रस्ताव रखा कि इंडिया गठबंधन को अन्य समूहों और राजनीतिक दलों तक भी पहुंच बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने बीजद से बात की है और उन्होंने भी लोकतंत्र को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ लडऩे की आवश्यकता पर अपनी चिंता व्यक्त की। 

अधीर रंजन ने टी.एम.सी. को कांग्रेस में शामिल होने को कहा : नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक में भाग लेने के बाद, जहां टी.एम.सी. प्रमुख ममता बनर्जी को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ गर्मजोशी भरे पल सांझा करते देखा गया, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी से कांग्रेस में वापस शामिल होने के लिए कहा क्योंकि उन्होंने 28 साल पहले तृणमूल कांग्रेस बनाने के लिए पार्टी छोड़ दी थी। 
अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘‘मैं सुश्री बनर्जी से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस के बिना आपका राजनीतिक जीवन समाप्त हो जाएगा। यही कारण है कि उन्हें व्यावहारिक होने की आवश्यकता है। यही कारण है कि उन्होंने एक व्यावहारिक निर्णय लिया और इंडिया गठबंधन की बैठक में भाग लिया। इसलिए, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि चीजों को जटिल न करें और सीधे कांग्रेस में शामिल हो जाएं।’’ ममता बनर्जी के जाने-माने विरोधी चौधरी ने यह भी कहा कि कांग्रेस राज्य में उनके नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए हमेशा तैयार है। 

अखिलेश के लिए यह समय भाजपा का आपातकाल : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि देश और राज्य के लोग वर्तमान में भाजपा के आपातकाल के दौर से गुजर रहे हैं और इसे पी.डी.ए. (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के खिलाफ उत्पीडऩ की अवधि बताया। राज्यसभा चुनाव में एक उद्योगपति को मैदान में उतारने के संबंध में अखिलेश ने दोहराया कि समाजवादी पार्टी के प्रभाव की छाया कॉर्पोरेट जगत पर भी पडऩी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए सरकारी निवेश के साथ-साथ कॉर्पोरेट निवेश भी जरूरी है। 

बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग : चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) को लेकर चल रहे विवाद के बीच इंडिया गठबंधन ने बैलेट पेपर से मतदान की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि इलैक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ई.वी.एम.) भाजपा द्वारा नियंत्रित ऐसी मशीनें हैं, जो अपनी जरूरत के अनुसार काम करती हैं और विपक्ष अब सत्तारूढ़ दल को इसका उपयोग करने की अनुमति नहीं दे सकता, क्योंकि उन्होंने भारत की चुनाव प्रणाली में विश्वास और भरोसा बहाल करने के लिए वापस बैलेट पेपर की ओर लौटने पर जोर दिया। खरगे ने कहा कि पूरी तरह से बेनकाब हो चुके ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए, यदि उनमें थोड़ी भी संवैधानिक या नैतिक शर्म बची है और उन ताकतों के खिलाफ गवाह बन जाना चाहिए, जो मतदाता सूचियों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।-राहिल नोरा चोपड़ा 
 

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