Edited By Parveen Kumar,Updated: 06 Oct, 2026 11:07 PM
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के सांसदों के प्रदर्शन को "सड़क पर की जाने वाली नौटंकी" करार दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव जीतने के लिए अपनी पार्टी में लोगों का...
नेशनल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के सांसदों के प्रदर्शन को "सड़क पर की जाने वाली नौटंकी" करार दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव जीतने के लिए अपनी पार्टी में लोगों का भरोसा बहाल करने की दिशा में मेहनत करने के बजाय 'वोट चोरी' के "बेबुनियाद" आरोप लगाकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "सच्चाई यह है कि राहुल गांधी 'कामचोर' हैं और वह 'वोट चोरी' के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।" उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने चुनाव वाले राज्य में कितनी बार कम से कम एक या दो हफ्ते तक डेरा डालकर अपनी पार्टी के लिए प्रचार किया है?"
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'इंडिया' के बैनर तले आयोजित विरोध मार्च मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर "अराजकता और भ्रम" पैदा करके राहुल गांधी को "फिर से लॉन्च" करने का कांग्रेस का एक और प्रयास था। विपक्षी सांसदों को निर्वाचन आयोग के दफ्तर जाने से रोके जाने के बाद आकाशवाणी भवन में पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच आठ घंटे से ज्यादा समय तक गतिरोध बना रहा, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं को वहां से बलपूर्वक हटाकर हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस के 'वोट चोरी' के आरोप का जवाब देने के लिए भाजपा ने अपने दो वरिष्ठ प्रवक्ताओं को मैदान में उतारा। वहीं, पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी राहुल पर "झूठ फैलाने" का आरोप लगाते हुए उन पर हमला बोला।
त्रिवेदी ने यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन को "सड़क पर की जाने वाली नौटंकी" बताया। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि वह "अनुपस्थित, दूसरी जगह चले गए, मृत और दोहरी प्रविष्टि" के तौर पर पहचाने गए मतदाताओं को बिना सत्यापन के मतदान का अधिकार दिलाने की मांग करके किसे फायदा पहुंचाना चाहती है। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस पिछले कई दशक से तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और ओडिशा समेत कई राज्यों में सत्ता से बाहर है। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल के नेताओं से पूछा कि उनकी पार्टी के पतन के लिए कौन जिम्मेदार है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के अन्य घटक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मार्च के जरिये वे संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब कर रहे हैं और अपनी चुनावी हार की "भड़ास निकाल रहे हैं।"
शिवराज ने कहा, "विपक्ष के मेरे मित्रों, आप जिस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उसी व्यवस्था के तहत आप केरलम में जीते थे। क्या वह जीत अवैध थी? आप कर्नाटक में जीते। क्या वह जीत अवैध थी? आप हिमाचल में जीते। क्या वह जीत अवैध थी? पंजाब और झारखंड में विपक्षी दलों की सरकारें बनीं; क्या वे जीत अवैध थीं?" उन्होंने कहा, "हार स्वीकार करना लोकतंत्र की मूल भावना है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों को लोकतंत्र का अपमान करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करना बंद करना चाहिए।" शिवराज ने कहा, "अगर आप संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, तो आप देश को अराजकता की आग में झोंकने का पाप करेंगे। राष्ट्र को अशांति और अराजकता में झोंकने का पाप न करें। देश और उसके लोग आपको कभी माफ नहीं करेंगे।" उन्होंने एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि एक त्रुटिरहित मतदाता सूची "बेदाग" लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
शिवराज ने विपक्षी दलों से पूछा कि मतदाता सूचियों को शुद्ध क्यों नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने 'इंडिया' के घटक दलों से लोकतंत्र का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा, "देश आज विपक्ष से यह सवाल पूछ रहा है कि मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में क्यों होने चाहिए? गैर-नागरिकों के नाम क्यों शामिल किए जाने चाहिए? एक ही नाम दो जगहों पर क्यों होना चाहिए?" केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने राहुल गांधी से कहा कि वह चुनावी हार के लिए निर्वाचन आयोग को बुरा-भला कहने के बजाय लोगों का समर्थन हासिल करने के लिए "उनकी सेवा करें।" उन्होंने कहा, "अब कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के लिए उस ड्रामे को खत्म करने का समय आ गया है, जो वे 2014 से कर रहे हैं।"
रीजीजू कहा कि विदेशी ताकतें लगातार ऐसे विमर्श फैलाती हैं, जिनसे संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब हो और भारत के लोगों को गुमराह किया जा सके। उन्होंने कहा, "कांग्रेस को कम से कम भारत-विरोधी विमर्श का प्रचार-प्रसार नहीं करना चाहिए।" भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राहुल की आलोचना करते हुए उनपर उच्चतम न्यायालय को गलत तरीके से उद्धृत करके "भ्रम" फैलाने और "अपनी राजनीति चमकाने" की कोशिश करने का आरोप लगाया। शीर्ष अदालत में सोमवार को एक जनहित याचिका पर हुई सुनवाई का हवाला देते हुए पात्रा ने कहा कि न्यायालय ने यह नहीं कहा कि फॉर्म-6 अवैध था। इससे पहले, राहुल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया था कि अब यह संदेह से परे साबित हो चुका है कि सीईसी ने फॉर्म-6 को "अवैध रूप से और एकतरफा" बदल दिया। मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए लोग फॉर्म-6 के तहत आवेदन करते हैं।
पात्रा ने कहा, "उच्चतम न्यायालय ने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की। उसने सिर्फ नोटिस जारी किए हैं। अभी तक सुनवाई भी नहीं हुई है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा है कि जब सुनवाई होगी, तब मामले की पड़ताल की जाएगी। फिर भी, राहुल गांधी देश में अराजकता, झूठ, छल और भ्रम का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल शीर्ष अदालत का हवाला देकर "अपनी राजनीति चमकाने" की कोशिश कर रहे हैं और उसका गलत उद्धरण दे रहे हैं। पात्रा ने कहा कि विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस, भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटाने और राहुल गांधी को मेहनत किए बिना शीर्ष पद तक पहुंचाने के लिए एक सुनियोजित प्रयास में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस हरसंभव तरीके से राहुल गांधी को बार-बार लॉन्च करने की कोशिश करती रही है। जब कई प्रयासों के बावजूद वह अपनी पकड़ बनाने में विफल रहे, तो कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगियों ने तय किया कि भले ही इसके लिए अराजकता का सहारा लेना पड़े तथा देश के लोकतंत्र को कमजोर करना पड़े, लेकिन वे किसी भी कीमत पर राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से फिर से लॉन्च करेंगे।" पात्रा ने कहा, "इन प्रयासों के तहत, कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगियों ने समय-समय पर भारतीय सेना, उच्चतम न्यायालय, हिंदुओं और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों) को निशाना बनाया और पिछले कुछ हफ्तों से वे निर्वाचन आयोग पर हमलावर हैं।"
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल जैसे कांग्रेस नेताओं ने कई मौकों पर दोहरी प्रविष्टि वाले और अनुपस्थित मतदाताओं का मुद्दा उठाया है और मतदाता सूची को त्रुटिरहित करने की मांग की है। उन्होंने कहा, "अब जब मतदाता सूचियों को ठीक किया जा रहा है, तो वे हंगामा मचा रहे हैं और निर्वाचन आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।" त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, जो "अंदर से एक वंशवादी व्यवस्था" है और लोकतांत्रिक राजनीतिक दल होने का दिखावा करती है, पिछले 12 वर्षों से न्यायपालिका समेत "लोकतंत्र के हर स्तंभ" पर "बेबुनियाद और बेतुके" आरोप लगा रही है, क्योंकि वह "असली लोकतंत्र" को बर्दाश्त नहीं कर सकती।