Edited By ,Updated: 31 Aug, 2026 04:36 AM

अभी कुछ दिन पहले अपने समय में एकिं्टग, कॉमेडी और डांस के जरिए लोकप्रिय हुए बॉलीवुड के अब अधेड़ उम्र के हीरो की पत्नी द्वारा उनको ‘शूगर डैडी’ की संज्ञा दी गई क्योंकि वह अपनी आने वाली फिल्म में सिने स्क्रीन पर अपने से 30 साल छोटी एक्ट्रैस से रोमांस...
अभी कुछ दिन पहले अपने समय में एक्टिंग, कॉमेडी और डांस के जरिए लोकप्रिय हुए बॉलीवुड के अब अधेड़ उम्र के हीरो की पत्नी द्वारा उनको ‘शूगर डैडी’ की संज्ञा दी गई क्योंकि वह अपनी आने वाली फिल्म में सिने स्क्रीन पर अपने से 30 साल छोटी एक्ट्रैस से रोमांस कर रहेहैं। शूगर डैडी का चलन सिर्फ रील लाइफ में ही नहीं, बल्कि देश के अनेक शहरों की रियल लाइफ में भी फैल चुका है। शूगर डैडी उन आदमियों को कहा जाता है, जो अपनी उम्र से आधी से भी कम उम्र की लड़की को डेट करते हैं और उनके पास बहुत ही ज्यादा पैसा होता है। वहीं इस सिलसिले में शामिल लड़की को ‘शूगर बेबी’ कहा जाता है। देश में इस तरह के रिश्ते तेजी से पैर पसार रहे हैं। ये एक तरह का म्युचुअल रिलेशनशिप होता है, इसमें शूगर डैडी अपनी शूगर बेबी को पैसों की मदद देता है और उसकी हर तरह की व्यक्तिगत जरूरत को पूरा करता है।
इस सिक्के का दूसरा पहलू शूगर मम्मी भी है, जहां शूगर बेबी की जगह कोई जवान लड़का यानी शूगर बॉब ले लेता है। शूगर मम्मी एक ऐसी अमीर और आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला को कहते हैं, जो अपने से काफी कम उम्र के साथी (यंग पार्टनर) को महंगे उपहार, पैसे और शानदार जीवनशैली का सपोर्ट देती है और बदले में करीबी साथ या समय चाहती है। ऐसी महिला आमतौर पर उम्र में बड़ी और वित्तीय रूप से बहुत मजबूत होती है। हम अपनी बात शूगर डैडी तक सीमित रखते हुए इस बिन्दू की थोड़ी गहराई में जाते हैं। मनोवैज्ञानिक मत के अनुसार, कुछेक लड़कियों को लगता है कि अगर कोई ऐसा पार्टनर मिल जाए, जो आपके एक इशारे पर सभी जरूरतों को पूरा कर दें। कैसा हो अगर आपको एक ऐसा लड़का मिल जाए जो आपकी हर बात माने, आप कहो रात तो वह रात कहे, आप बोलो यह चाहिए तो वह सब ला दे!
बस अपनी इन्हीं जरूरतों को पूरा करने के लिए लड़कियां शूगर डैडी ढूंढती हैं। बदले में वह जब चाहे शूगर डैडी की फिजिकल या सैक्सुअल नीड्स को पूरा करती हैं। अगर लड़की को अपनी उम्र से दोगुनी से भी ज्यादा उम्र के आदमी के साथ रिलेशन में रहना स्वीकार होगा तो यहीं से शूगर डैडी का रिश्ता पैदा हो जाता है। आजकल डेटिंग से जुड़े अनेक शब्द जन्म ले चुके हैं, अब डेटिंग का तरीका भी बदल गया है। आज अगर कोई किसी को डेट करने के बाद अचानक से गायब हो जाता है तो इसे घोसिं्टग कहा जाता है, फीङ्क्षलग के लिए साथ रहना पर रिलेशनशिप में न आना, सिचुएशनशिप कहलाता है।
इन्हीं में से एक है शूगर डेटिंग, जिसमें शूगर डैडी टर्म आता है। शूगर डेटिंग बाकी सभी डेटिंग से काफी अलग है। इसमें दो लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रिलेशन में आते हैं और एक-दूसरे की नीड्स का ध्यान रखते हैं। ये एक तरह का म्युचुअल बैनीफिट वाला रिलेशन होता है। आम डेटिंग से अलग, इस डेटिंग में आने वाली कुछ लड़कियां पैसों की जरूरत की वजह से, तो कुछ लड़कियां अपनी सैक्सुअल नीड को पूरा करने के लिए शूगर बेबी बन जाती हैं। इसी तरह वह आदमी, जिन्हें अपने पार्टनर से संतुष्टि नहीं मिलती या जिनकी यौन पिपासा अधिक होती है, वे शूगर डैडी बन जाते हैं। क्या इस प्यार को सच्चा प्यार कहें या फिर आपसी स्वार्थी जरूरतों की पूर्ति?
कुल मिला कर ‘शूगर डैडी’ और ‘शूगर मम्मी’ जैसे सिलसिले हमारी संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं, न ही इनको हमारा समाज खुलेपन से स्वीकार कर सकेगा, क्योंकि यह चलन विपरीत लिंग की भौतिक व अन्य आपसी जरूरतों को पूरा करने की ललक के कारण पैदा हो रहा है। इनका अंत सुखद नहीं हो सकता। अमूमन ऐसे रिश्तों में भावनात्मक असंतुलन, प्राइवेसी की समस्या और धोखाधड़ी का खतरा हमेशा रहता है।-डा. वरिंदर भाटिया