Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 Mar, 2026 03:32 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 6 मार्च को फिर से गिरावट लौट आई। एक दिन की राहत के बाद बाजार दबाव में आ गया और कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1085 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,450 के नीचे फिसल गया।...
बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 6 मार्च को फिर से गिरावट लौट आई। एक दिन की राहत के बाद बाजार दबाव में आ गया और कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1085 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,450 के नीचे फिसल गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1097.00 अंक यानी 1.37% की गिरावट के साथ 78,918.90 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 315.45 अंक या 1.27% टूटकर 24,450.45 के स्तर पर आ गया।
शेयर बाजार में गिरावट के 5 बड़े कारण.....
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कमजोर किया है। इस संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने और कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आने की आशंका बढ़ गई है, जिससे वैश्विक महंगाई पर दबाव बन सकता है।
कमजोर ग्लोबल संकेत
इसके अलावा एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स एक प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया, जिससे एशियाई बाजारों में दबाव का माहौल बना रहा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक भी लगातार बिकवाली कर रहे हैं। गुरुवार को एफआईआई ने 3,752.52 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि मार्च महीने में अब तक करीब 16,000 करोड़ रुपये की बिकवाली हो चुकी है। इससे बाजार की धारणा और कमजोर हुई है।
कच्चे तेल में तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत गुरुवार को करीब 5% उछलकर 86.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो लगभग 20 महीनों का उच्च स्तर है। हालांकि शुक्रवार सुबह यह करीब 84.4 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रही थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। अगर ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाता है, तो इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।
बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
बैंकिंग शेयरों में भी आज भारी बिकवाली देखने को मिली। बैंक निफ्टी करीब 1% तक टूट गया, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी एक प्रतिशत से अधिक गिरावट में रहे। विश्लेषकों के अनुसार तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ सकती है, जिससे ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो जाती है और इसका असर बैंकिंग सेक्टर के प्रदर्शन पर पड़ता है।