Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Apr, 2026 03:32 PM

28 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में दिनभर जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, फिर रिकवरी आई लेकिन आखिर में एक बार फिर दबाव बढ़ गया।
बिजनेस डेस्कः 28 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में दिनभर जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, फिर रिकवरी आई लेकिन आखिर में एक बार फिर दबाव बढ़ गया।
BSE Sensex ने 77,094 के आसपास शुरुआत की और दिन में 76,973 तक गिरा। बाद में इसमें रिकवरी आई और यह 77,493 तक पहुंचा लेकिन अंत में फिर दबकर 76,876 के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स 416.72 अंक गिरकर 76,886.91 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 97 अंक की गिरावट रही, ये 23,995 के स्तर पर आ गया।
बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड $109 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जिससे भारत की आयात लागत और महंगाई का डर बढ़ा।
प्रॉफिट बुकिंग
लगातार बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे फाइनेंशियल, IT और रियल्टी सेक्टर में दबाव आया।
बैंकिंग और RBI नियमों का असर
आरबीआई के नए नियमों के बाद बैंकिंग शेयरों में लगभग 2% तक गिरावट आई।
FII की बिकवाली
विदेशी निवेशकों ने करीब ₹1,151 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा।
वैश्विक बाजार कमजोर
एशियाई बाजारों में गिरावट रही, जबकि अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए—जिससे मिश्रित संकेत मिले।
एक्सपायरी डे का असर
Nifty एक्सपायरी के कारण इंट्राडे वोलैटिलिटी काफी बढ़ गई।
रुपए पर दबाव
डॉलर के मुकाबले रुपया 94.39 के स्तर तक कमजोर हुआ, जिससे बाजार सेंटिमेंट और खराब हुआ।