Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 Feb, 2026 05:08 PM

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि अमेरिका स्थित बोइंग भारत से विमान के कलपुर्जों की एक बड़ी खरीदार है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी कंपनी भविष्य में भारत को घटकों के लिए अपने सबसे बड़े विदेशी मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) आधार के...
नई दिल्लीः वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि अमेरिका स्थित बोइंग भारत से विमान के कलपुर्जों की एक बड़ी खरीदार है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी कंपनी भविष्य में भारत को घटकों के लिए अपने सबसे बड़े विदेशी मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) आधार के रूप में देख रही है। भारत के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका कुछ विमानों और विमान के कलपुर्जों पर शुल्क हटाने पर सहमत हो गया है।
गोयल ने कहा, ''बोइंग और एयरबस पहले से ही भारत से विमान के कलपुर्जों के बड़े खरीदार हैं... मुझे बताया गया है कि ये दोनों कंपनियां भविष्य में भारत को कलपुर्जों के लिए सबसे बड़े विदेशी ओईएम के रूप में देख रही हैं। मेरी दोनों कंपनियों के शीर्ष बोर्ड और सीईओ के साथ बातचीत हुई है। भारत-अमेरिका साझेदारी को लेकर काफी उत्साह है।'' भारत विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग के लिए एक प्रमुख बाजार है और देश में इसके 265 से अधिक वाणिज्यिक और सैन्य विमान परिचालन में हैं।
कंपनी के पास 325 से अधिक आपूर्तिकर्ता हैं और देश से इसकी वार्षिक खरीद 1.25 अरब डॉलर से अधिक की है। इस राशि में कलपुर्जे और सेवाएं शामिल हैं। इसी तरह, एयरबस का लक्ष्य भी 2030 तक भारत से घटकों और सेवाओं की अपनी खरीद को बढ़ाकर दो अरब डॉलर करना है। वर्तमान में यह लगभग 1.4 अरब डॉलर है।