4 महीने के हाई पर कच्चा तेल, सऊदी अरब में प्रोडक्शन घटने से बढ़ी चिंता, भारत पर भी असर

Edited By Updated: 11 Sep, 2026 01:32 PM

crude oil at four month high production cuts in saudi arabia

कच्चे तेल की कीमतों में आज तेज उछाल देखने को मिला। कारोबार के दौरान कच्चा तेल $108.77 पर पहुंच गया जो इसका 4 महीने का उच्चतम स्तर है। इस सप्ताह अब तक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 13 फीसदी की तेजी आ चुकी है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

नई दिल्लीः कच्चे तेल की कीमतों में आज तेज उछाल देखने को मिला। कारोबार के दौरान कच्चा तेल $108.77 पर पहुंच गया जो इसका 4 महीने का उच्चतम स्तर है। इस सप्ताह अब तक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 13 फीसदी की तेजी आ चुकी है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता प्रमुख वजह मानी जा रही है। होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। 

सऊदी अरब में घटा तेल का उत्पादन

तेल बाजार के लिए चिंता की एक और वजह सऊदी अरब में कच्चे तेल का उत्पादन 36 साल के न्यूनतम स्तर पर होना है। यह भारत के लिए भी खतरे की घंटी है क्योंकि सऊदी अरब भारत के टॉप सप्लायर्स में शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब का रोजाना प्रोडक्शन 1.9 मिलियन बैरल गिरकर 6.2 मिलियन बैरल रह गया है। यह 1990 के बाद सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है। अगस्त में एक्सपोर्ट में भी 40 फीसदी गिरावट आई है। प्रोविजनल टैंकर ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक सऊदी अरब का एक्सपोर्ट 5.1 मिलियन बैरल से घटकर 3.1 मिलियन बैरल रह गया है। सऊदी अरब ओपेक देशों में क्रूड का सबसे बड़ा उत्पादक है।

भारत के लिए बढ़ी चिंता

सऊदी अरब भारत का तीसरा बड़ा सप्लायर है। भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर भारत के आयात बिल पर पड़ सकता है। आंकड़ों के अनुसार, ईरान युद्ध से पहले सितंबर से फरवरी के बीच सऊदी अरब से भारत को रोजाना करीब 7 लाख 43 हजार बैरल तेल की सप्लाई हुई थी जो फरवरी से अगस्त के दौरान घटकर 4 लाख 40 हजार बैरल रह गई।  
 

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