Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Jun, 2026 06:17 PM

टाटा समूह की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एक बड़े साइबर हमले का शिकार हुई है। रैनसमवेयर हैकर समूह वर्ल्ड लीक्स (World Leaks) ने दावा किया है कि उसने कंपनी के सिस्टम में सेंध लगाकर दुनिया की संवेदनशील डेटा हासिल किया है, जिसमें कथित तौक पर ऐपल (Apple)...
बिजनेस डेस्कः टाटा समूह की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एक बड़े साइबर हमले का शिकार हुई है। रैनसमवेयर हैकर समूह वर्ल्ड लीक्स (World Leaks) ने दावा किया है कि उसने कंपनी के सिस्टम में सेंध लगाकर दुनिया की संवेदनशील डेटा हासिल किया है, जिसमें कथित तौक पर ऐपल (Apple) और टेस्ला (Tesla) के खुफिया व्यापारिक रहस्य (Trade Secrets) और कंपोनेंट डिजाइन चुरा लिए हैं। दोनों कंपनियां टाटा समूह की ग्राहक हैं।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने की घटना की पुष्टि
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने एक बयान में कहा कि कुछ सप्ताह पहले कंपनी ने अपने कुछ सिस्टम में साइबर सुरक्षा घटना की पहचान की थी। इसके बाद तत्काल सुरक्षा और प्रतिक्रिया प्रक्रियाएं शुरू की गईं। कंपनी का कहना है कि इस घटना का हमारे कारोबार या परिचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
सूत्रों के मुताबिक, हैकर्स ने डेटा को डिलीट या सार्वजनिक न करने के बदले टाटा समूह से भारी-भरकम फिरौती (Ransom) की मांग भी की है।
2 लाख से अधिक फाइलें लीक होने का दावा
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हैकर समूह ने 2 लाख से अधिक फाइलें और 630 गीगाबाइट (GB) से ज्यादा डेटा डेटा डार्क वेब पर अपलोड करने का दावा किया है। इस डेटा में तकनीकी दस्तावेज, ईमेल रिकॉर्ड, लॉग फाइलें और अन्य संवेदनशील जानकारियां शामिल हैं।
Apple और Tesla से जुड़ी फाइलों का दावा
लीक डेटा में com.apple.factorydata नाम के फोल्डर मिले हैं। इनमें आईफोन के सर्किट बोर्ड कंपोनेंट्स की क्वालिटी चेक करने से जुड़ा एक 52 पन्नों का खुफिया दस्तावेज भी शामिल है। लीक फाइलों में टेस्ला की अपकमिंग अपग्रेडेड Model Y SUV का NV36 चार्जपोर्ट कंट्रोलर डिजाइन और टेस्ला की नई मॉडल 3 सेडान (Model 3) की इंजीनियरिंग ड्रॉइंग मिली हैं, जिन पर साफ तौर पर ‘ट्रेड सीक्रेट’ लिखा हुआ है।
साइबर सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि लीक डेटा में तकनीकी दस्तावेजों के अलावा कुछ कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड और प्रशासनिक फाइलें भी शामिल हो सकती हैं।