Edited By Tanuja,Updated: 10 Aug, 2026 07:31 PM

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सोमवार को चार सीटों पर तीसरे चरण का मतदान हुआ, जबकि सुरक्षा कारणों से सात सीटों पर चुनाव स्थगित कर दिया गया। मतदान के दौरान पीएमएल-एन और पीपीपी कार्यकर्ताओं में झड़प तथा धांधली के आरोप लगे। पीपीपी ने पीएमएल-एन पर...
Peshawar: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी POK में चुनावी माहौल एक बार फिर हिंसा और विवादों से घिर गया है। सोमवार को चार निर्वाचन क्षेत्रों में तीसरे चरण का मतदान हुआ, लेकिन कई इलाकों से राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी और धांधली के आरोप सामने आए। सुरक्षा हालात को देखते हुए सात सीटों पर मतदान पहले ही टाल दिया गया था। POK के पुंछ डिवीजन के बाग और हवेली जिलों की चार निर्वाचन सीटों पर सोमवार सुबह 8 बजे मतदान शुरू हुआ। चुनाव आयोग ने इन चार निर्वाचन क्षेत्रों के कुल 803 मतदान केंद्रों में से अधिकांश को संवेदनशील या अति संवेदनशील घोषित किया था। वहीं, कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुंछ डिवीजन की सात सीटों पर मतदान अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मतदान के दौरान कुछ इलाकों में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज यानी पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी यानी पीपीपी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें भी सामने आईं।
पीपीपी ने तीसरे चरण के मतदान में पीएमएल-एन पर बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया। पार्टी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर दावा किया कि कुछ इलाकों में मतदान केंद्रों तक जाने वाली सड़कों को कथित तौर पर बंद कर दिया गया था। पीपीपी का आरोप है कि कुछ मतदान केंद्रों पर पीएमएल-एन समर्थक कथित तौर पर मतपत्रों पर अवैध तरीके से मुहर लगा रहे थे। पार्टी ने यह भी दावा किया कि अधिकारियों, मतदाताओं, मतदान एजेंटों और पार्टी कार्यकर्ताओं को कुछ मतदान केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया। पीपीपी के मुताबिक, कुछ केंद्रों पर मतदानकर्मी समय पर नहीं पहुंचे, जिसके कारण मतदान शुरू होने में देरी हुई। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके कुछ मतदान एजेंटों को मतदान केंद्रों से जबरन बाहर निकाल दिया गया। पीपीपी ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उसके दावे के मुताबिक पीएमएल-एन कार्यकर्ताओं को बाग के एक मतदान केंद्र पर हमला करते हुए दिखाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
POK विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 27 जुलाई और दूसरे चरण में 2 अगस्त को मतदान हुआ था। इन दोनों चरणों के दौरान भी हिंसा, राजनीतिक झड़पों और बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे। अब तक के चुनावी नतीजों में पीएमएल-एन सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी ने 24 सीटें जीती हैं, जबकि केंद्र में उसकी गठबंधन सहयोगी पीपीपी को 10 सीटें मिली हैं। POK की कुल 45 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। पीएमएल-एन अब क्षेत्र में सरकार बनाने की तैयारी कर रही है। पीएमएल-एन ने घोषणा की है कि पार्टी के प्रमुख और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ POK में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम तय करेंगे। वहीं, पीपीपी लगातार पीएमएल-एन पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगा रही है। ऐसे में तीसरे चरण का मतदान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।