LIC के अगले चरण में बीमा, पेंशन उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद: सीईओ

Edited By Updated: 01 Sep, 2026 06:20 PM

demand for insurance and pension products expected to rise

देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक आर. दुरईस्वामी ने मंगलवार को कहा कि कम बीमा पहुंच, आर्थिक वृद्धि, बढ़ती घरेलू आय, वित्तीय जागरूकता और लंबी जीवन प्रत्याशा से आने वाले वर्षों में बीमा...

नई दिल्लीः देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक आर. दुरईस्वामी ने मंगलवार को कहा कि कम बीमा पहुंच, आर्थिक वृद्धि, बढ़ती घरेलू आय, वित्तीय जागरूकता और लंबी जीवन प्रत्याशा से आने वाले वर्षों में बीमा सुरक्षा, बचत और पेंशन उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। 

भारतीय जीवन बीमा निगम लिमिटेड (एलआईसी) के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर दुरईस्वामी ने कहा कि आने वाले समय में बीमा उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ वितरण व्यवस्था और उत्पाद पोर्टफोलियो को अधिक प्रतिस्पर्धी एवं डिजिटल बाजार के अनुरूप ढालना ही कंपनी के अगले चरण को तय करेगा। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के पास आज पहले की तुलना में अधिक विकल्प हैं और प्रौद्योगिकी ने उनकी अपेक्षाओं को बदल दिया हैं। खासकर युवा ग्राहक बीमा के सरल, व्यक्तिगत और तत्काल उपलब्ध होने की उम्मीद करते हैं। 

दुरईस्वामी ने कहा कि एलआईसी अपना उत्पाद पोर्टफोलियो बढ़ाने, प्रौद्योगिकी में सुधार, पॉलिसी नवीनीकरण दर तथा वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। साथ ही, आर्थिक अस्थिरता बढ़ने के बीच पॉलिसीधारकों को प्रतिस्पर्धी प्रतिफल देने के लिए कंपनी अपनी परिसंपत्ति प्रबंधन क्षमता को मजबूत कर बेहतर रिटर्न हासिल करने पर भी काम करेगी। उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध कंपनी के रूप में एलआईसी को देश के वंचित और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाने के अपने सामाजिक दायित्व तथा सार्वजनिक शेयरधारकों की रिटर्न संबंधी अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाना होगा। 

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में एलआईसी की कुल प्रीमियम आय बढ़कर 5,35,984 करोड़ रुपए और लाभ रिकॉर्ड 57,419 करोड़ रुपए रहा। पिछले वित्त वर्ष में एलआईसी ने 2.50 करोड़ व्यक्तिगत दावों का निपटान किया, जिनमें 2.41 करोड़ परिपक्वता और 'सर्वाइवल बेनिफिट' दावे शामिल हैं। इस दौरान 2.80 लाख करोड़ रुपए के परिपक्वता दावों और 24,885 करोड़ रुपए के मृत्यु दावों का भुगतान किया गया। व्यक्तिगत मृत्यु दावों के निपटान का अनुपात 99.44 प्रतिशत रहा। एलआईसी एक सितंबर, 1956 को संसद के अधिनियम के जरिये अस्तित्व में आई थी। यह वर्ष 2022 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई थी। 

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