Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Apr, 2026 03:13 PM

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान भारतीय रियल एस्टेट में निवेश को लेकर विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इससे इस दौरान विदेश निवेश 75 प्रतिशत घटकर 40 करोड़ डॉलर रह गया। यह जानकारी रियल एस्टेट परामर्शदाता...
नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान भारतीय रियल एस्टेट में निवेश को लेकर विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इससे इस दौरान विदेश निवेश 75 प्रतिशत घटकर 40 करोड़ डॉलर रह गया। यह जानकारी रियल एस्टेट परामर्शदाता कॉलियर्स इंडिया ने दी। कॉलियर्स का अनुमान है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण इस वर्ष विदेशी निवेशक सावधानी बरत सकते हैं।
रियल एस्टेट परामर्शदाता के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में रियल एस्टेट क्षेत्र में कुल संस्थागत निवेश 61 प्रतिशत घटकर 1.6 अरब डॉलर रह गया जो इससे पिछली अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के 4.2 अरब डॉलर से काफी कम है। घरेलू निवेशकों ने जनवरी-मार्च तिमाही में 1.2 अरब डॉलर का निवेश किया जबकि विदेशी निवेशकों का निवेश केवल 40 करोड़ डॉलर रहा। इसके विपरीत, अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में घरेलू निवेश 2.6 अरब डॉलर और विदेशी निवेश 1.6 अरब डॉलर रहा था।
कॉलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक बादल याग्निक ने कहा कि भारत के रियल एस्टेट बाजार में संस्थागत निवेश अब भी मजबूत घरेलू मांग के कारण मजबूत बना हुआ है। साथ ही विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में मांग कायम है।