सरकार ने प्याज खरीद मूल्य बढ़ाकर 16.50 रुपए प्रति किलो किया

Edited By Updated: 13 Jun, 2026 03:23 PM

government raises onion procurement price to 16 50 per kg

सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बफर स्टॉक कार्यक्रम के तहत प्याज का खरीद मूल्य बढ़ाकर 16.50 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया है, जो पहले 15.80 रुपए प्रति किलो था। यह संशोधित दर शनिवार से प्रभावी होगी। सरकार का यह कदम बाजार में दामों को...

नई दिल्लीः सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बफर स्टॉक कार्यक्रम के तहत प्याज का खरीद मूल्य बढ़ाकर 16.50 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया है, जो पहले 15.80 रुपए प्रति किलो था। यह संशोधित दर शनिवार से प्रभावी होगी। सरकार का यह कदम बाजार में दामों को संतुलित रखने के साथ-साथ किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के प्रयासों का हिस्सा है। देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक महाराष्ट्र के किसानों ने राज्य में खेती की ऊंची लागत को देखते हुए 30 रुपए प्रति किलो की खरीद दर की मांग की थी। 

बाजार में दखल देने के मकसद से 'मूल्य स्थिरीकरण कोष' (पीएसएफ) के तहत हर साल बफर स्टॉक बनाए रखा जाता है। सरकार ने इस साल के लिए दो लाख टन खरीद का लक्ष्य रखा है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में की गई तीन लाख टन खरीद से कम है। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बृहस्पतिवार को उपभोक्ता मामलों के विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की, ताकि प्याज की खरीद को बेहतर बनाया जा सके और किसानों को बेहतर लाभ मिल सके। 

जोशी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ''मौजूदा मंडी कीमतों और भंडारण-योग्य प्याज की गुणवत्ता की जरूरतों के आधार पर, 'न्यूनतम शुनिश्चित खरीद कीमत' (एमएपीपी) को 13 जून 2026 से संशोधित कर 1,650 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।'' उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को बाजार की स्थितियों के हिसाब से और बेहतर बनाने के लिए कीमत तय करने के तरीके में भी सुधार किया गया है। केंद्र ने पहले बाजार की स्थितियों और किसानों के हितों की रक्षा की जरूरत को देखते हुए कीमत को 12.70 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 15.80 रुपए प्रति किलो किया था। मौजूदा सत्र के लिए प्याज की खरीद 15 मई को शुरू हुई थी। 

नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फसल वर्ष 2024-25 में 307.67 लाख टन की तुलना में फसल वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन होने का अनुमान है। महाराष्ट्र के किसान 3,000 रुपए प्रति क्विंटल (30 रुपए प्रति किलो) की न्यूनतम खरीद कीमत की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (नैफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) की ओर से दी जा रही लगभग 1,580 रुपए प्रति क्विंटल की खरीद दर, बाजार की मौजूदा उम्मीदों से कम थी और खेती की लागत निकालने के लिए भी काफी नहीं थी।
 

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