ब्रिटेन से भारत तक बढ़ा नया ट्रेंड: महंगी छुट्टियों से बचने का ढूंढा नया तरीका, लोग आधे खर्च में ऐसे ले रहे पूरे ट्रिप का मजा

Edited By Updated: 14 Jul, 2026 01:23 PM

the new rules of travel spend less stay longer experience more

महंगी फ्लाइट और होटल कीमतों से बचने के लिए ब्रिटेन समेत कई देशों में माता-पिता स्कूल की छुट्टियों के बजाय बच्चों को स्कूल के दिनों में घूमाने ले जा रहे हैं। ऑफ-सीजन यात्रा से खर्च कम होता है, भीड़ कम मिलती है और बच्चों को बेहतर सीखने का अवसर भी...

London : बढ़ती महंगाई और यात्रा पर बढ़ते खर्च के बीच परिवार अब छुट्टियां मनाने का नया तरीका अपना रहे हैं। ब्रिटेन में बड़ी संख्या में माता-पिता बच्चों को स्कूल की आधिकारिक छुट्टियों के बजाय स्कूल के दिनों में ही घूमाने ले जा रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से फ्लाइट, होटल और अन्य यात्रा खर्च में भारी बचत होती है। पर्यटन से जुड़ी कई एजेंसियों के विश्लेषण के अनुसार, यदि परिवार अपनी यात्रा को स्कूल की छुट्टियों से सिर्फ दो या तीन सप्ताह आगे या पीछे कर दें, तो फ्लाइट और होटल की कीमतें कई बार लगभग आधी रह जाती हैं।

 

कम खर्च में बेहतर यात्रा का अनुभव
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑफ-सीजन में यात्रा करने से केवल पैसों की बचत ही नहीं होती, बल्कि परिवारों को बेहतर अनुभव भी मिलता है। पर्यटन स्थलों पर भीड़ कम होने के कारण बच्चे आराम से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों को समझ पाते हैं और यात्रा अधिक शिक्षाप्रद बन जाती है। यात्रा खर्च कम करने के लिए जर्मनी ने एक अलग व्यवस्था अपनाई है। वहां सभी राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां एक साथ नहीं होतीं, बल्कि अलग-अलग तारीखों पर तय की जाती हैं।इस व्यवस्था से पर्यटन स्थलों पर एक साथ भीड़ नहीं बढ़ती और एयरलाइंस तथा होटल कंपनियों को कीमतें मनमाने ढंग से बढ़ाने का मौका नहीं मिलता।

 

भारत में भी बजट यात्रा पर जोर
पर्यटन से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, भारत में करीब 85 से 87 प्रतिशत परिवार गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों के साथ घूमने की योजना बनाते हैं। हालांकि पीक सीजन में बढ़ती कीमतों के कारण लगभग 95 प्रतिशत माता-पिता सबसे पहले बजट को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 60 प्रतिशत परिवार महंगे विदेशी टूर छोड़कर देश के पहाड़ी पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। बाकी परिवार खर्च कम करने के लिए अपने पैतृक गांव या रिश्तेदारों के यहां छुट्टियां बिताना पसंद कर रहे हैं।

 

ऑफ-सीजन डील बन रही पहली पसंद
पीक सीजन के दौरान फ्लाइट टिकट और होटल के किराए कई बार दोगुने तक हो जाते हैं। ऐसे में कई परिवार ऑफ-सीजन में मिलने वाली बजट-फ्रेंडली डील का फायदा उठाकर कम खर्च में यात्रा पूरी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्कूल और अभिभावक मिलकर पढ़ाई और यात्रा के बीच संतुलन बना सकें, तो बच्चों को नए अनुभव मिलने के साथ परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है। 

  

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