Edited By jyoti choudhary,Updated: 26 May, 2026 12:27 PM

ताइवान के शेयर बाजार ने कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है। यह उछाल मुख्य रूप से दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) के शेयरों में आई तेज बढ़त के कारण देखने को...
बिजनेस डेस्कः ताइवान के शेयर बाजार ने कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है। यह उछाल मुख्य रूप से दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) के शेयरों में आई तेज बढ़त के कारण देखने को मिला है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, ताइवान का मार्केट कैप बढ़कर लगभग 4.95 ट्रिलियन डॉलर (करीब 411 लाख करोड़ रुपए) हो गया है, जबकि भारत का बाजार मूल्यांकन 4.92 ट्रिलियन डॉलर तक आ गया है। इस उलटफेर के साथ ही ताइवान अब अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है।
AI बूम ने बदली तस्वीर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती वैश्विक मांग के चलते TSMC के शेयरों में इस साल करीब 49% की तेजी आई है। ताइवान के बेंचमार्क इंडेक्स में अकेले इस कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 42% है, जिससे पूरे बाजार पर इसका गहरा असर पड़ता है। सेमीकंडक्टर और AI चिप्स की वैश्विक मांग ने ताइवान के टेक-आधारित बाजार को मजबूती दी है।
भारत के पिछड़ने की वजहें
इस साल भारतीय शेयर बाजार पर दबाव देखने को मिला है। विदेशी निवेशकों (FII) की करीब 24 अरब डॉलर की बिकवाली, वैश्विक स्तर पर महंगे वैल्यूएशन, और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारणों ने बाजार की रफ्तार धीमी की है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई की चिंता ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
फिर भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत
हालांकि शेयर बाजार मूल्यांकन में ताइवान आगे निकल गया है, लेकिन वास्तविक अर्थव्यवस्था के स्तर पर भारत अब भी काफी बड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है, जबकि ताइवान की जीडीपी करीब 977 बिलियन डॉलर के आसपास है। इसका मतलब है कि आर्थिक आधार पर भारत अब भी काफी मजबूत स्थिति में है, भले ही बाजार वैल्यूएशन में अस्थायी बदलाव देखने को मिला हो।