Edited By jyoti choudhary,Updated: 31 Jul, 2026 11:04 AM

Share Trading Time Change: 3 अगस्त 2026 से भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना, क्लोजिंग प्राइस को अधिक सटीक
Share Trading Time Change: 3 अगस्त 2026 से भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना, क्लोजिंग प्राइस को अधिक सटीक बनाना और निवेशकों को बेहतर ट्रेडिंग अनुभव देना है। यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं या F&O में ट्रेडिंग करते हैं, तो इन बदलावों को समझना बेहद जरूरी है। सेबी के सर्कुलर के मुताबिक, इक्विटी कैश सेगमेंट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी सीएएस शुरू किया जाएगा।
क्या बदलेगा?
सबसे बड़ा बदलाव F&O ट्रेडिंग के समय में किया गया है। अब स्टॉक और इंडेक्स फ्यूचर्स-ऑप्शंस की ट्रेडिंग शाम 3:30 बजे के बजाय 3:40 बजे तक जारी रहेगी। हालांकि, F&O वाले शेयरों के कैश मार्केट में सामान्य ट्रेडिंग पहले की तरह दोपहर 3:15 बजे तक ही होगी। इसके बाद इन शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) शुरू होगा। वहीं, जिन शेयरों में F&O कॉन्ट्रैक्ट नहीं हैं, उनकी ट्रेडिंग पहले की तरह 3:30 बजे तक चलेगी और उनके लिए मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे।
CAS क्या है?
CAS एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके जरिए बाजार बंद होने से पहले शेयरों का अंतिम क्लोजिंग प्राइस तय किया जाएगा। इस दौरान खरीदार और विक्रेता के ऑर्डर का मिलान कर ऐसा मूल्य निकाला जाएगा, जिस पर सबसे अधिक ट्रेडिंग संभव हो। इसी संतुलित मूल्य यानी इक्विलिब्रियम प्राइस को उस दिन का क्लोजिंग प्राइस माना जाएगा।
क्लोजिंग प्राइस कैसे तय होगा?
CAS प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। 3:15 से 3:20 बजे तक सिस्टम तैयारी करेगा और नए ऑर्डर स्वीकार नहीं होंगे। 3:20 से 3:25 बजे तक निवेशक नए मार्केट और लिमिट ऑर्डर दर्ज कर सकेंगे। 3:25 से 3:30 बजे के बीच केवल लिमिट ऑर्डर में बदलाव या कैंसिलेशन की अनुमति होगी। इसके बाद 3:30 से 3:35 बजे तक एक्सचेंज ऑर्डर मैच कर अंतिम क्लोजिंग प्राइस तय करेगा।
नए नियमों के तहत F&O शेयरों के कैश सेगमेंट में क्लोजिंग प्राइस अब VWAP (वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस) के बजाय CAS से तय होने वाले इक्विलिब्रियम प्राइस पर आधारित होगा। हालांकि, स्टॉक फ्यूचर्स के लिए VWAP प्रणाली जारी रहेगी लेकिन इसकी गणना अब 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच के डेटा के आधार पर होगी।
इन बदलावों से F&O ट्रेडर्स को बाजार बंद होने से पहले अपनी पोजीशन एडजस्ट करने के लिए अतिरिक्त 10 मिनट मिलेंगे। इससे हेजिंग आसान होगी, ओवरनाइट जोखिम कम होगा और क्लोजिंग के समय कीमतों में संभावित हेरफेर पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। साथ ही, म्यूचुअल फंड, इंडेक्स फंड और बड़े संस्थागत निवेशकों को बेहतर प्राइस डिस्कवरी का लाभ मिलेगा।