Edited By jyoti choudhary,Updated: 25 Aug, 2026 11:13 AM

सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयर में मंगलवार को बाजार खुलते ही तेज गिरावट देखने को मिली। सरकार द्वारा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बिक्री पेशकश (OFS) के जरिए बेचने के ऐलान के बाद निवेशकों ने शेयर में बिकवाली शुरू कर दी।
नई दिल्ली: सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयर में मंगलवार को बाजार खुलते ही तेज गिरावट देखने को मिली। सरकार द्वारा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बिक्री पेशकश (OFS) के जरिए बेचने के ऐलान के बाद निवेशकों ने शेयर में बिकवाली शुरू कर दी।
सोमवार को 573.55 रुपए पर बंद हुआ हिंदुस्तान कॉपर का शेयर मंगलवार को करीब 6 फीसदी की गिरावट के साथ 540 रुपए पर खुला। बाद में इसने मामूली बढ़त बनाई लेकिन यह बहुत देर टिकी नहीं रही। शुरुआती कारोबार में शेयर ₹534.05 तक फिसल गया। सुबह 9:30 बजे यह करीब 6.20 फीसदी की गिरावट के साथ ₹538 के आसपास कारोबार कर रहा था।
क्या है सरकार का प्लान?
सरकार हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी घटाने जा रही है। इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लाया जा रहा है। सरकार कंपनी की 3% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। इसके साथ 3% अतिरिक्त ग्रीन्शू ऑप्शन भी रखा गया है। अगर इसका पूरा इस्तेमाल होता है तो सरकार कुल 6% तक हिस्सेदारी बेच सकती है।
OFS के लिए न्यूनतम कीमत ₹514 प्रति शेयर तय की गई है। इस हिस्सेदारी बिक्री से सरकार करीब ₹3,000 करोड़ जुटाने की उम्मीद कर रही है।
रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों के लिए भी हिस्सा
निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला के मुताबिक, OFS का 10 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा। वहीं पात्र कर्मचारियों के लिए 25,000 शेयर अलग रखे गए हैं।
सरकार चालू वित्त वर्ष में अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में विनिवेश के जरिए ₹52,716 करोड़ जुटा चुकी है। हिंदुस्तान कॉपर में हिस्सेदारी बिक्री भी इसी विनिवेश रणनीति का हिस्सा है।
शेयर का पिछला प्रदर्शन मजबूत
गिरावट के बावजूद हिंदुस्तान कॉपर के शेयर ने लंबी अवधि में निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। पिछले एक महीने में शेयर करीब 11 फीसदी चढ़ा है। एक साल की अवधि में इसमें लगभग 127 फीसदी की तेजी आई है, यानी निवेशकों का पैसा दोगुने से अधिक हुआ है।
पांच साल की अवधि में भी हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में 350 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है।
हालांकि, सरकार की OFS पेशकश से बाजार में कंपनी के शेयर की सप्लाई बढ़ने की आशंका के चलते मंगलवार को शेयर पर दबाव देखने को मिला।