Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Sep, 2026 11:16 AM

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान तनाव गहराने से बुधवार को घरेलू स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंक से अधिक टूट गया जबकि निफ्टी 235.40 अंक टूटकर 23820
मुंबईः कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान तनाव गहराने से बुधवार को घरेलू स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंक से अधिक टूट गया जबकि निफ्टी 235.40 अंक टूटकर 23820 परआ गया। इंडिगो, इन्फोसिस में सबसे अधिक गिरावट नजर आई है। मार्केट में गिरावट से निवेशकों को ₹5.60 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल
बुधवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के सभी 30 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इनमें इंडिगो, इन्फोसिस, टीसीएस और महिंद्रा एंड महिंद्रा पर सबसे ज्यादा दबाव रहा।
निवेशकों की दौलत ₹5.60 लाख करोड़ घटी
बाजार में तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। 1 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,89,41,989.64 करोड़ था। बुधवार को बाजार खुलते ही यह घटकर ₹4,83,81,902.24 करोड़ रह गया यानी बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹5,60,087.40 करोड़ की कमी आ गई।
बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजहें
1. अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ा भू-राजनीतिक जोखिम
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पश्चिम एशिया में सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ा दी है। तनाव जल्द कम होने की उम्मीद कमजोर पड़ने से निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई और शेयर बाजार में बिकवाली तेज हो गई।
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा सकता है। इसी चिंता ने इक्विटी बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया।
3. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी
अमेरिका में 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर करीब 4.80% पहुंच गई। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से डॉलर आधारित निवेश अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकते हैं, जिससे उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी निकलने का जोखिम बढ़ता है। साथ ही अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर सख्ती की आशंका ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।
4. India VIX में तेजी
बाजार में बढ़ी घबराहट का असर India VIX पर भी दिखा। शुरुआती कारोबार में India VIX करीब 3.39% बढ़कर 11.88 पर पहुंच गया। VIX में तेजी आमतौर पर निकट अवधि में बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव की आशंका का संकेत देती है।
5. ऑटो, आईटी और मेटल शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
सेक्टोरल स्तर पर कोई भी निफ्टी इंडेक्स हरे निशान में नहीं था। ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा और निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 2% से अधिक की गिरावट आई।