Bank Locker Rules: बैंक लॉकर में चोरी हो जाए सामान तो कितना मिलेगा मुआवजा? जानें RBI का नियम

Edited By Updated: 02 Sep, 2026 05:24 PM

how much compensation will you get if items stolen from bank locker

लोग बैंक लॉकर में अपने गहने, जरूरी दस्तावेज और दूसरी कीमती चीजें इस भरोसे के साथ रखते हैं कि बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में उनका सामान सुरक्षित रहेगा लेकिन अगर बैंक लॉकर में चोरी, आगजनी या किसी अन्य कारण से सामान को नुकसान हो जाए तो क्या बैंक उसकी...

नई दिल्लीः लोग बैंक लॉकर में अपने गहने, जरूरी दस्तावेज और दूसरी कीमती चीजें इस भरोसे के साथ रखते हैं कि बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में उनका सामान सुरक्षित रहेगा लेकिन अगर बैंक लॉकर में चोरी, आगजनी या किसी अन्य कारण से सामान को नुकसान हो जाए तो क्या बैंक उसकी पूरी भरपाई करता है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत कुछ परिस्थितियों में बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है लेकिन मुआवजे की अधिकतम सीमा लॉकर के सालाना किराए से जुड़ी होती है।

बैंक लॉकर में चोरी होने पर कितना मिलेगा मुआवजा?

RBI के मौजूदा नियमों के मुताबिक, बैंक की लापरवाही या कुछ निर्धारित परिस्थितियों में लॉकर की सामग्री के नुकसान के लिए बैंक की देनदारी लॉकर के वार्षिक किराए की 100 गुना राशि तक सीमित है।

उदाहरण के लिए, अगर आपके बैंक लॉकर का सालाना किराया ₹1,000 है, तो संबंधित नियमों के तहत बैंक की देनदारी अधिकतम ₹1 लाख तक हो सकती है।

अगर लॉकर में रखे सामान की वास्तविक कीमत इससे ज्यादा है, तो पूरी रकम की भरपाई बैंक से मिलना जरूरी नहीं है।

किन परिस्थितियों में बैंक की जिम्मेदारी बनती है?

बैंक लॉकर से जुड़ी घटनाओं में बैंक की जिम्मेदारी परिस्थितियों और लागू नियमों पर निर्भर करती है। आग, चोरी, बैंक की लापरवाही या कर्मचारियों की गलती जैसी स्थिति में ग्राहक मुआवजे का दावा कर सकता है। हालांकि, हर नुकसान के मामले में बैंक स्वतः लॉकर में रखे सामान की पूरी कीमत चुकाने के लिए जिम्मेदार नहीं होता। इसलिए लॉकर लेने से पहले बैंक के नियम और एग्रीमेंट की शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

बैंक को नहीं पता होता लॉकर में क्या रखा है

बैंक आमतौर पर ग्राहक के लॉकर के अंदर रखी वस्तुओं की पूरी सूची या उनकी कीमत का रिकॉर्ड अपने पास नहीं रखता। यही वजह है कि लॉकर में रखे सामान की वास्तविक कीमत और नुकसान का आकलन अलग मुद्दा बन सकता है।

इसी कारण ग्राहकों को अपने कीमती सामान का खुद रिकॉर्ड रखना चाहिए। खरीद की रसीद, बिल, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखना बाद में दावा करने की स्थिति में उपयोगी हो सकता है।

लॉकर में कीमती सामान रखते समय इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप बैंक लॉकर में महंगे गहने या अन्य कीमती सामान रखते हैं तो कुछ सावधानियां आपको वित्तीय नुकसान से बचा सकती हैं।

  • लॉकर में रखे महत्वपूर्ण सामान की फोटो और वीडियो अपने पास रखें।
  • गहनों और महंगे सामान के बिल और खरीद की रसीद सुरक्षित रखें।
  • सामान की एक निजी सूची बनाकर उसे सुरक्षित जगह पर रखें।
  • बहुत ज्यादा कीमत का सामान लॉकर में रखने से पहले उसके लिए अलग बीमा लेने पर विचार करें।
  • बीमा पॉलिसी लेते समय यह जरूर जांचें कि बैंक लॉकर में रखा सामान पॉलिसी के तहत कवर है या नहीं।
  • पॉलिसी की अधिकतम कवरेज सीमा और किन परिस्थितियों में क्लेम नहीं मिलेगा, इसकी जानकारी पहले से लें।

सबसे जरूरी बात

बैंक लॉकर को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इसे 100% बीमा सुरक्षा नहीं माना जाना चाहिए। बैंक की देनदारी की सीमा और लॉकर में रखे सामान की वास्तविक कीमत के बीच बड़ा अंतर हो सकता है।

इसलिए यदि लॉकर में बहुत महंगा सामान रखा है, तो केवल बैंक की जिम्मेदारी पर निर्भर रहने के बजाय सामान का रिकॉर्ड और उचित बीमा कवर रखना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

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