Edited By jyoti choudhary,Updated: 14 Mar, 2026 05:36 PM

सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 14 मार्च को सोने के बेस इंपोर्ट प्राइस में कटौती की घोषणा की है। Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) के अनुसार, सोने का बेस इंपोर्ट प्राइस 12...
बिजनेस डेस्कः सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 14 मार्च को सोने के बेस इंपोर्ट प्राइस में कटौती की घोषणा की है। Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) के अनुसार, सोने का बेस इंपोर्ट प्राइस 12 डॉलर प्रति 10 ग्राम घटा दिया गया है। नई दर के मुताबिक अब यह 1664 डॉलर प्रति 10 ग्राम से घटकर 1652 डॉलर प्रति 10 ग्राम हो गया है।
बेस इंपोर्ट प्राइस, जिसे टैरिफ वैल्यू भी कहा जाता है, वह मानक कीमत होती है जिसके आधार पर आयातित सोने पर कस्टम ड्यूटी और अन्य करों की गणना की जाती है। जब सरकार इस कीमत में बदलाव करती है तो उसका सीधा असर आयात लागत और घरेलू बाजार की कीमतों पर पड़ सकता है।
क्या होगा फायदा?
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बेस इंपोर्ट प्राइस घटने से आयातकों पर टैक्स का बोझ कुछ कम हो सकता है, जिससे ज्वैलर्स और बुलियन ट्रेडर्स को राहत मिलने की संभावना है।
इस फैसले का फायदा व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी मिल सकता है, क्योंकि आयात लागत कम होने से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव घट सकता है। ज्वैलर्स और बुलियन ट्रेडर्स नई टैरिफ वैल्यू के आधार पर कीमतों में बदलाव कर सकते हैं।
सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों और घरेलू मांग को ध्यान में रखते हुए टैरिफ वैल्यू में संशोधन करती है, ताकि देश के बाजार को वैश्विक कीमतों के साथ संतुलित रखा जा सके और व्यापारिक गतिविधियों को समर्थन मिल सके।